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डाउनलोड करेंउदयपुर। उदयपुर का क्लॉक टावर (घंटाघर) अब संवरने लगा है। इमारत के हेरिटेज लुक को बरकरार रखने के लिए मरम्मत की जा रही है। शहर के बीच स्थित घंटाघर का लंबे अर्से से रखरखाव नहीं होने से पहचान खोता जा रहा था। कई जगह से दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, पत्थर उखड़ चुके थे। उस पर लगी घड़ी कई सालों से बंद थी। यह मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने इसको संवारने का जिम्मा हाथ में लिया।
छह माह पहले निगम ने इसकी छतरी को संवारने का काम शुरू किया। छतरी की मरम्मत करने के बाद घड़ी की मरम्मत की गई। अब इसके नीचे फ्लोर पर प्लास्तर आदि का काम किया जा रहा है। इसके बाद घंटाघर पर आकर्षक विद्युत सज्जा की जाएगी ताकि घंटाघर मूर्तरूप लौट सके।
नजूल संपत्ति में दर्ज है घंटाघर :
शहर की तमाम सरकारी संपत्ति पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के खाते में दर्ज है, लेकिन घंटाघर नजूल संपत्ति में दर्ज है। यही वजह है कि नगर निगम ने कई सालों तक इस संपत्ति की ओर ध्यान नहीं दिया। अब इसको निगम अपने खाते में दर्ज कराने की कार्रवाई करेगा।
आसपास हटाने पड़ेंगे अतिक्रमण :
घंटाघर के चारों ओर अतिक्रमण हटाने के बाद ही इसका मूलस्वरूप लौट पाएगा। वर्तमान में घंटाघर के चारों ओर पार्किंग और अस्थाई दुकानदारों का अतिक्रमण है।
Photo : Rishabh Jain
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