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बिटिया ने पूछा, बताइए न क्या बात है, क्या छुपा रहे हैं!

8 वर्ष पहले
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रांची. पूर्व डिप्टी सीएम सुधीर महतो के निधन की खबर सुनते ही कदमा के उलियान स्थित उनके आवास के आसपास लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। विधायक बन्ना गुप्ता उनके आवास में प्रवेश कर रहे थे कि वफादार नौकर बहादुर ने उन्हें रोक दिया। सूचना दी कि परिवार वालों को नहीं बताया गया है।

बन्ना गुप्ता के कदम ठिठक गए। धीरे-धीरे घर से थोड़ी दूरी पर लोग जुटते जा रहे थे। लोगों को घर के पास जमा होते देख उनकी बेटी स्नेहा बालकनी में निकलीं। बिटिया ने पूछा, बताइए न क्या बात है। आपलोग यहां क्यों आए हैं। लेकिन सबकी जुबां बंद थीं। लोग उनकी पत्नी सबिता महतो को यह सूचना नहीं देना चाहते थे कि उनका सुहाग उजड़ गया। डर था कि वे बेहोश हो जाएंगी। सबको मालूम था कि किसी भी दुखद घटना की सूचना पर वे बेहोश हो जाती हैं। यहां तो उनकी मांग का सिंदूर ही उजड़ गया था।

सुधीर महतो के कई रिश्तेदार उनके घर के आसपास रहते हैं। टेलीविजन पर कहीं उनकी पत्नी को सुधीर महतो के निधन की सूचना नहीं मिल जाए, यह सोच कर युवकों ने केबुल कनेक्शन काट दिया। सुधीर महतो की बहन भी रात में आई। सुधीर महतो की पत्नी को बताया गया कि सुधीर महतो की तबियत खराब है। ठीक हो जाएंगे। रिश्तेदारों को भी समझ में नहीं आ रहा था कि सबिता महतो को हकीकत कैसे बताई जाए। इस दौरान बन्ना गुप्ता उलियान के लोगों के साथ बैठे रहे। इसी बीच सूचना आई कि सुधीर दा का शव टीएमएच आ रहा है। बन्ना गुप्ता के साथ उलियान से सैकड़ों लोग टीएमएच की ओर बढ़ चले। देर रात लगभग 1.30 बजे पत्नी सबिता को उनके निधन की जानकारी दी गई।

पार्टी में जितनी देर रहे, सबको हंसाते रहे

शादी की पार्टी में सुधीर महतो सबसे हंस बोल रहे थे। खाने का आग्रह किए जाने पर उन्होंने थोड़ा सा चिकन और पुलाव लिया। इस दौरान वे विधायक रामदास सोरेन, विद्युत वरण महतो सहित अन्य पुराने साथियों के साथ गपशप करते रहे। हंसमुख स्वभाव के सुधीर जितनी देर वहां रहे, सबको हंसाते रहे। उन्होंने साथियों से गुरुवार को सर्कस मैदान में लगने वाले टुसू मेले की तैयारी के बारे में पूछा। इस मेले में सुधीर महतो को मुख्य अतिथि बनाया गया था। बातों ही बातों में पता चला कि बुधवार को वे रांची गए थे। वहां राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर पार्टी की बैठक थी। सोरेन ने कहा कि कुछ ही देर पहले सबसे हंस बोल रहे सुधीर के साथ ऐसा हो जाएगा, किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

सुबह दादा के लिए बनाया उपमा : गोविंद

सुधीर के दोस्त गोविंद राव ने बताया कि बुधवार की सुबह ही मॉर्निंग वाक से लौटने के क्रम में उनकी मुलाकात हुई थी। दादा (सुधीर महतो) ने उनसे कहा- तुम्हारे हाथ की बनाई उपमा मुझे बहुत पसंद है। आज अपने हाथ से बनाकर खिलाओ। इसके बाद दादा अपने घर चले गए। गोविंद उपमा बनाकर जब सुधीर महतो के पास पहुंचे, तो वे अपने दोस्तों के साथ बातें करते मिले। दादा और उनके दोस्तों ने भी उपमा खाई। दादा ने गोविंद की काफी तारीफ की।

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