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डाउनलोड करेंराजधानी सहित प्रदेशभर में नक्सली संगठनों को हथियार व गोला बारूद उपलब्ध कराने वाले सप्लायरों तक एनआईए की जांच पहुंच गई है। कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। एनआईए किन मामलों की जांच कर रही है? रॉकेट लॉन्चर कहां से आया? कहां से आते हैं हथियार और गोला बारूद? इन सवालों की पड़ताल करती डीबी स्टार की रिपोर्ट....
रांची. राज्य की राजधानी में रॉकेट लॉन्चर पहुंचाने वाले गिरोह के सरगना की तलाश एनआईए की विशेष टीम कर रही है। कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। आठ मामलों में एनआईए जानकारियां एकत्र कर रही है। झारखंड सरकार ने सूबे के रांची, लोहरदगा, लातेहार और हजारीबाग में भारी पैमाने पर हुए हथियार और गोला बारूद की बरामदगी का मामला एनआईए को सौंपा था। सरकार ने जांच से संबंधित पत्र एनआईए को भेजा था। इसके बाद एनआईए ने अपनी जांच शुरू कर दी। सभी मामलों की विस्तृत जांच रिपोर्ट और जानकारियां टीम एकत्र कर रही है। रैकेट के चार प्रमुख लोगों के नाम सामने आए हैं। जिनके तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने की संभावना है। इतने बड़े पैमाने पर एसएलआर, इनसास और एके 47 की गोलियां और बड़े हथियारों की बरामदगी से जांच एजेंसियों के आला अधिकारी भी हैरान हैं। जांच से जुड़े अफसरों के अनुसार ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, पुलिस, पारा मिलिट्री फोर्स, सेना आदि के गोदाम से गायब गोला बारूद नक्सलियों तक पहुंच रहे हंै। गोला बारूद की सप्लाई में बड़ा रैकेट काम कर रहा है। हथियारों के रैकेट में शामिल सरगना बिहार के रास्ते अपना कारोबार फैला रहा है।
कहां से क्या हुआ बरामद
रांची: रॉकेट लॉन्चर आदि
हजारीबाग: इटली निर्मित पिस्टल और बुलेटप्रूफ जैकेट
सिमडेगा: पाकिस्तान निर्मित कारतूस
सारंडा: अमेरिकन गन, एके 56
Photo: 14 जून 2011 में बरामद लॉन्चर को दिखाते हुए तत्कालीन एसएसपी प्रवीण कुमार। (फाइल फोटो)
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