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गहरी खदानों के भीतर नजर रखने की नयी प्रणाली बना रही है यूसिल
रांची/जमशेदपुर। देश में यूरेनियम उत्खनन करने वाली एकमात्र कंपनी सरकारी क्षेत्र की यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) गहरी भूमिगत खदानों के भीतर काम करने वाले मजदूरों और अन्य खननकर्मियों तथा उनके उपकरणों की स्थिति का पता लगाने वाली एक नयी प्रणाली विकसित कर रही है। कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) दिवाकर आचार्य ने यह जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल देश की भूमिगत खदानों में तार से जुड़े उपक रणों के जरिये ही इसके भीतर काम करने वाले •ॢमयों से संपर्क साधा जाता है जो पत्थर आदि गिरने अथवा भूधंसान के दौरान तार टूटने पर बेकार हो जाते हैं। मोबाइल फोन गहरायी में काम नहीं करते। ऐसे में किसी दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थिति में खदान में मौजूद लोगों से संपर्क काफी मुश्किल काम हो जाता है। यूसिल के शोध एवं विकास विभाग ने पिछले साल इसके कारगर और वैकल्पिक समाधान के लिए काम करना शुरू किया था जिसके शुरूआती परिणामों को काफी सराहा गया है। श्री आचार्य ने बताया कि पश्चिमी तथा अन्य विकसित देशों की खदानों में लीकीफीडर तार के जरिये खदानों में संपर्क किया जाता है। इस तार की बनावट ऐसी होती है कि इससे डाटा लीक करता रहता है और उसी के आधार पर खदान के भीतर गहरायी में काम कर रहे लोगों और उपकरणों की स्थिति का सटीक आंकलन होता है। पर बेहद महंगे होने (लगभग 500 रूपये प्रति मीटर) के कारण इन तारों का भारत में उपयोग नहीं होता1 इसके साथ ही यह तार भी पत्थर आदि धंसकने पर टूट कर बेकार हो जाता है। इसलिए हमने एक ऐसी नयी प्रणाली पर शोध की जरूरत महसूस की जो सस्ती और अधिक कारगर हो। श्री आचार्य ने बताया कि यूसिल की सात सक्रिय खदानों में से एक नरवापहाड़ के चौथे लेवेल पर पिछले साल इस नयी प्रणाली का परीक्षण हुआ। इसमें भारत की उन्नत वाई-फाई प्रणाली का सहारा लिया गया है। शुरूआती परीक्षण उत्साह वर्धक रहे और इसे आणविक ऊर्जा बोर्ड ने भी सराहा है। इस तार रहित प्रणाली का इस वर्ष और परीक्षण होगा तथा बाद में इसे यूसिल के सभी भूमिगत खदानों में इस्तेमाल किया जाएगा। सीएमडी ने कहा कि पिछले साल अखिल भारतीय प्रतिस्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ बचाव दल का खिताब जीतने वाली उनकी कंपनी की रेस्क्यू टीम को इस तरह की प्रणाली से और मजबूती मिलेगी। क्योंकि इस प्रणाली के पूरी तरह विकसित होने पर आपात स्थिति में खदान के भीतर के •ॢमयों पर नजर बनी रहेगी।