रांची। खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ साल 2013 में इलाके के कई थाना प्रभारियों एवं जूनियर पुलिस अफसरों द्वारा दुष्कर्म किए जाने के आरोप को गलत पाया गया है। खूंटी थाना में दर्ज कांड संख्या 96/2013 में अड़की थाना क्षेत्र की निवासी 14 वर्षीय लड़की ने अड़की के तत्कालीन थाना प्रभारी, दलभंगा के तत्कालीन दारोगा, रनिया के तत्कालीन दारोगा, एक एसपीओ, एक पाहन एवं आठ अज्ञात नक्सलियों के विरुद्ध दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। इस मामले में झारखंड मानवाधिकार मूवमेंट के महासचिव ग्लेडसन डुंगडुंग ने भी खूंटी के पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।
शादी कर रह रही थी शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता बालिका की ओर से किए गए एफआईआर के बाद सुपरविजन में यह बात सामने आई कि दर्ज कराया गया मामला पूरी तरह से असत्य है। जिस पाहन को अभियुक्त बनाया गया था उसके साथ ही शिकायतकर्ता आदिवासी रीति रिवाज के साथ शादी कर अपने परिवार की मर्जी से रह रही है। दोनों ने स्वेच्छा से शारीरिक संबंध भी बनाने की बात स्वीकार की है। अनुसंधान व पर्यवेक्षण में यह बात भी सामने आई है कि इन्हें बहका फुसलाकर तथा दबाव में लेकर पुलिस अफसरों को बदनाम करने के लिए मामला दर्ज कराया गया था। सीआईडी ने अपनी रिपोर्ट में खूंटी के पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट का भी हवाला देते हुए गृह विभाग को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।