फाइल फोटो - केंद्रीय राज्य मंत्री विष्णु देव साय।
रांची। प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल हमें ऐसा करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी भी उसका उपयोग कर सके। चीन सहित कई ऐसे देश है जो आगामी 200 वर्ष की योजना तैयार कर संसाधनों का उपयोग कर रहे है ताकि देश का निरंतर विकास दक्षता से हो सके। उक्त बातें शनिवार को केंद्रीय राज्य मंत्री खान, इस्पात, श्रम और रोजगार विष्णु देव साय ने कही। वे मेकॉन कम्युनिटी हॉल में सस्टनेबिलिटी एंड एफिशिएंसी इन कोर सेक्टर्स विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
सम्मेलन का आयोजन मेकॉन लिमिटेड, बंगाल इंजीनियरिंग एंड साइंस यूनिवर्सिटी (बेसू) और ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) नई दिल्ली की ओर से किया गया है। साय ने कहा कि देश के लिए निरंतर विकास और उर्जा दक्षता एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस्पात भारतीय उद्योग का मेरूदंड है। आने वाले समय में 2025-26 तक 300 मिलियन टन इस्पात उत्पादन करने का लक्ष्य है। उन्होंने कोयले का बेहतर तरीके से इस्तेमाल हो इसपर भी जोर दिया। खान राज्य मंत्री ने कहा कि देश में जटिल कानून व्यवस्था की वजह से दीर्घ कालीन उद्योगों के समक्ष ज्यादा परेशानी आती है। उन्होंने कहा कि हमें इसके विकास पर जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष खनन क्षेत्र का विकास करना होगा।
सम्मेलन में बेसु एल्युमिनी एसोसिएशन रांची के अध्यक्ष डॉ डी मुखर्जी, मिधानी के सीएमडी एच नारायण राव, सेल के निदेशक (टी) एसएस मोहंती, बीएसएल, सेल के सीईओ ए मैत्रा सहित देश वे विदेश के 160 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।