रांची। राज्य के नवांगीभूत कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों के समायोजन मामले पर दिल्ली में 11 और 12 सितंबर को सुनवाई हुई। यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस एसबी सिन्हा आयोग में चल रही है। इसमें रांची यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अधिवक्ता के माध्यम से शिक्षकों और कर्मचारियों का पक्ष रखा। दो दिनों तक चली कार्रवाई के दौरान एबीएम कालेज जमशेदपुर और एसएसजेएसएन कॉलेज, गढ़वा के शिक्षाकर्मियों की सुनवाई हुई। पहले यह दोनों कॉलेज रांची यूनिवर्सिटी के अंतर्गत थे। अभी एबीएम कॉलेज जमशेदपुर कोल्हान विवि और एसएसजेएसएन कॉलेज, गढ़वा नीलांबर पीतांबर विवि में पड़ता है। रांची यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अमर कुमार चौधरी, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. प्रीतम कुमार और एआर डॉ. मोहन लाल साहू सुनवाई के बाद रांची वापस लौट गए हैं।
शिक्षाकर्मियों ने भी रखा पक्ष
एबीएम कॉलेज की सुनवाई पुरी हो गई। यहां के शिक्षक और कर्मचारियों ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा। वहीं एसएसजेएसन कॉलेज के सिर्फ कर्मचारी अपना पक्ष रख सके, क्योंकि यहां कर्मियों की संख्या अधिक है। अगली सुनवाई दुर्गापूजा अवकाश के बाद होने की संभावना है, जिसमें शेष शिक्षक और कर्मचारी अपना पक्ष रखेंगे।
आरयू में हैं चार कॉलेज
राज्य में 12 नवांगीभूत कॉलेज हैं। इसमें चार रांची यूनिवर्सिटी में हैं। इन चार कॉलेज के लगभग 50 शिक्षकों के समायोजन का मामला आयोग में है। इस पर अभी आयोग में सुनवाई होनी है।