पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • आठ सौ अधिवक्ताओं को जल्द ही मिलेगी हाईकोर्ट में बैठने की सीटें

आठ सौ अधिवक्ताओं को जल्द ही मिलेगी हाईकोर्ट में बैठने की सीटें

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो - झारखंड हाईकोर्ट।
रांची। झारखंड हाईकोर्ट के युवा अधिवक्ताओं की सबसे बड़ी समस्या का निदान अब जल्द ही हो सकता है। हाईकोर्ट परिसर में एक नई बिल्डिंग बनाने की दिशा में चल रही कार्रवाई को अब गति दी गई है।
हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन से परिसर स्थित बैंक तक बने पुराने भवनों के स्थान पर नए भवन का नि‍र्माण करने का आदेश भवन र्निमाण विभाग को करने का निर्देश दिया गया है। यह भवन तीन मंजिला होगा। इसी भवन के एक तल्ले पर अधिवक्ताओं को बैठने के लिए स्थान दिए जाएंगे। अभी लगभग आठ सौ अधिवक्ता ऐसे हैं जिनके पास बैठने का नियत स्थान नहीं है। वे किसी तरह सीनियर के साथ या अन्य प्रकार से कोर्ट में बैठते हैं और अपना काम करते हैं। एडवोकेट एसोसिएशन भी इस मामले पर कोर्ट प्रशासन के समक्ष कई बार अपनी बातें रख चुका है।

टेंडर हुआ, काम शुरू होने का इंतजार

तीन मंजिलें भवन के र्निमाण की मांग दो वर्ष पहले से ही की जा रही थी। बाद में भवन बनाने निर्णय लिया गया पर निविदा टलती रही, फिर निविदा हुई पर काम शुरू नहीं हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब कोर्ट प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और सरकार को समय सीमा के भीतर काम करने को कहा है।

जल्द शुरू होगा काम

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने नई बहुमंजिली इमारत के निर्माण के संबंध में बताया कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। भवन निर्माण के लिए निविदा फाइनल हो गया है, जल्द ही काम शुरु होने की उम्मीद है।

न्यायिक आदेश की भी अवहेलना कर रही सरकार
बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रेमचंद त्रिपाठी का मानना है कि अधिवक्ताओं की बैठने की व्यवस्था का नहीं होना एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। एक सिक्के के दो पहलु की तरह जजेज और लायर्स हाईकोर्ट के दो पहलू हैं, सरकार का दायित्व है कि दोनों तरह के अफसरों के लिए समुचित आधारभूत संरचना उपलब्ध कराए। चतरा, गुमला, पोड़ाहाट समेत अन्य जिलों में जहां सिविल कोर्ट बन रहे हैं वहां न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं के लिए समुचित व्यवस्था की जा रही है। इन मामलों में हाईकोर्ट के भी आदेश हैं। पर हाईकोर्ट के मामले में ही सरकार न्यायिक आदेशों की भी अव्हेलना कर रही है।