रांची। बरियातू हाउसिंग कॉलोनी चौक स्थित स्वर्ण जयंती क्लब द्वारा बनाए जा रहे दुर्गा पूजा पंडाल में श्रद्धालु असम के राजभवन का प्रारूप देख सकेंगे। यहां 1992 से दुर्गापूजा हो रही है। बरियातू हाउसिंग कॉलोनी के निवासियों की सहयोगिता से पिछले 22 साल से यहां धूमधाम से पूजा हो रही है। कपड़ा और बांस से पंडाल बनाया जा रहा है।
कोलकाता से आए करीब 50 कारीगर पंडाल बनाने में लगे हैं। इसके अलावा मुख्य सड़क तक लाइटिंग किया जाएगा, जो चंदननगर से मंगाया जा रहा है। मूर्तिकार अजय पाल मूर्ति को अंतिम रूप दे रहे हैं। मां दुर्गा की प्रतिमा 12 फीट ऊंची होगी। पूजा के दौरान चारों दिन प्रसाद वितरण किया जाएगा। सप्तमी को फल, अष्टमी को हलवा, नवमी को खीर, दशमी को खिचड़ी और एकादशी को पुरी, सब्जी, बुंदिया का भंडारा होगा। पुजारी प्रमोद कुमार पाठक पिछले सात साल से यहां पूजा कर रहे हैं। इस बार भी वे ही पूजा करेंगे।
षष्ठी को खुलेगा पट
30 सितंबर को षष्ठी तिथि के दिन यहां का पट खुल जाएगा। बेलवरण के बाद श्रद्धालु मां का दर्शन कर सकेंगे। चार अक्टूबर को भंडारा के बाद मां की प्रतिमा का विसर्जन होगा। पूजा में करीब आठ लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। भंडारा के लिए इलाके के लोग दान देते हैं। वे मैदा, सूजी, बेसन, चीनी आदि श्रद्धा से यहां पहुंचाते हैं। लोगों को पंक्तियों में बैठाकर भंडारा खिलाया जाता है।
तीन श्रद्धालुओं ने शुरू की थी पूजा
1992 में सत्यम सत्यदर्शी, मोनू सिंह एवं मंजीत सिंह ने इलाके में दुर्गापूजा की शुरुआत की थी। बाद में एरिया के अन्य लोग भी इसमें शामिल होते गए और पूजा का स्वरूप बड़ा होते चला गया। वर्तमान में पूजा कमेटी में इनके अलावा अमित कुमार, डॉ नीरज, विपिन सिंह, नीलू सिंह, मिथिलेश कुमार पोद्दार, बिहारी बाबू, राजा अग्रवाल, विनोद सिंह, सोनू सिंह, अनिल सिंह, संजीव सिंह भी शामिल हैं।