पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अब घर बैठे जमा करें टैक्स

अब घर बैठे जमा करें टैक्स

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि कराधान प्रणाली को सरल एवं सुगम होना चाहिए ताकि छोटे-मोटे व्यापारियों को कर भुगतान में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो। यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि बिचौलियों के द्वारा उनका किसी भी प्रकार का शोषण नहीं हो। अंतरराज्यीय कराधान के संबंध में भी पड़ोसी राज्यों की कराधान प्रणालियों के साथ समन्वय होना चाहिए। इससे व्यापारियों एवं ट्रांसपोर्टरों को सहुलियत होगी।
मुख्यमंत्री सोमवार को प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में वाणिज्यकर, परिवहन, खनन, उत्पाद एवं अन्य सरकारी राजस्व विभागों के लिए पे ऑनलाइन एप्लीकेशन सेवा का लोकार्पण कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को सुगम, संवेदनशील, पारदर्शी एवं कठिनाई रहित सेवा उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्प है। इस व्यापक फलक में अनेक सेवाओं की आँनलाइन डिलिवरी एक प्रमुख हिस्सा है। राज्य सरकार ने तत्काल पांच विभागों के २९ करों और शुल्कों के आँनलाइन भुगतान हेतु पे ऑन लाइन एप्लीकेशन इजाद किया है। यह देश में अपने ढंग का अनूठा यूटिलिटी है, जो इतने सारे विभागों के देयताओं का एक स्थान से भुगतान संभव बनाता है। इससे नागरिक अपने कर, शुल्क अथवा सेवाओं के लिए अपेक्षित भुगतान घर बैठे अथवा निकटतम प्रज्ञा केन्द्रों इत्यादि से कर पायेंगे।
इसके लिए कम्प्यूटर या लैपटाप होना जरूरी भी नहीं है। स्मार्ट फोन और टैबलेट से भी भुगतान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना के संबंध में मुख्य सचिव के स्तर से शीघ्र बैठक की जाएगी, जिसमें आगामी २० वर्षों की योजना को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता तय की जाएगी।
बैंक अथवा ट्रेजरी जाना आवश्यक नहीं

सूचना प्रौघोगिकी विभाग के प्रधान सचिव एनएन सिन्हा ने कहा कि इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से किसी भी समय घर से ही करों- शुल्कों का भुगतान किया जा सकेगा। उन्हें संबंधित कार्यालयों, बैंकों अथवा ट्रेजरी जाना आवश्यक नहीं होगा। उपर्युक्त भुगतान के चालान वहीं उपलब्ध हो जाएंगे एवं संबंधित कार्यालय इस सेवा से प्रस्तुत चालानों का सत्यापन भी कर सकेंगे। इसके माध्यम से पैसे त्रुटिरहित रूप से जमा कराए जा सकेंगे एवं नागरिक अपने द्वारा जमा कराई गई राशि का पूरा विवरण देख पाएंगे। इससे ६७ बैंक जुड़े हैं। भविष्य में इस सेवा का दायरा और बढ़ा कर अन्य विभागों-संस्थाओं को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। भुगतान की वर्तमान व्यवस्थाओं को तुरंत बंद नहीं कर दिया जाएगा, वरन दोनों व्यवस्थाएं कुछ समय तक चालू रखी जाएंगी ताकि सभी संबंधित व्यक्ति नई व्यवस्था से परिचित हो कर इसका उपयोग करना शुरू कर दें।

कार्यक्रम में वित्त मंत्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसके सत्पथी, प्रधान सचिव योजना एवं विकास विभाग डीके तिवारी, प्रधान सचिव निबंधन डा० नितिन मदन कुलकर्णी, आयुक्त दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल केके खंडेलवाल, सचिव उद्योग विभाग हिमानी पांडे, सचिव वाणिज्यकर एमआर मीणा समेत वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।