पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • विभागीय जांच पदाधिकारी की सेवा अवधि में परिवर्तन, अधिकतम सेवा अवधि ५ साल

विभागीय जांच पदाधिकारी की सेवा अवधि में परिवर्तन, अधिकतम सेवा अवधि ५ साल

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

रांची: सरकारी विभागों में कार्यरत सरकारी सेवकों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के त्वरित निष्पादन के लिए संविदा के आधार पर विभागीय जांच पदाधिकारी की नियुक्ति के बाद पूर्व मे इनके लिए निर्धारित की गई अधिकतम सेवा अवधि में संशोधन कर दिया गया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने इससे संबंधित संकल्प जारी कर दिया है। पूर्व में कार्मिक विभाग द्वारा जारी संकल्प में कहा गया था कि संबंधित जांच पदाधिकारियों की अधिकतम सेवा अवधि तीन साल या ६५ साल की आयु पूरी करने के पहले जो पहले हो, तक के लिए की जाती है।
हर साल के अंत में होगा मूल्यांकन
कार्मिक विभाग द्वारा पिछले दिनों जारी संकल्प के अनुसार विभागीय जांच पदाधिकारी की सेवा अवधि अधिकतम पांच साल या ६५ साल जो भी पहले हो तब तक के लिए होगी। लेकिन हर साल के अंत में संबंधित विभागीय जांच पदाधिकारी के परफॉरमेंस का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर ही हर साल इनकी संविदा की अवधि बढ़ाई जा सकती है।