रांची। वैसे सरकारी स्कूल जिनका प्रदर्शन ठीक नहीं है, जिनमें सभी संसाधन होते हुए भी बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन नहीं मिल रहा है, उनके अच्छे दिन आने वाले है। ऐसे स्कूलों को अब अधिकारी गोद (एडॉप्ट) लेंगे। इस संबंध में शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। शिक्षा सचिव आराधना पटनायक की ओर से ये नई पहल की गई है। ताकि स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा मिल सके। इसके लिए सचिव खुद औचक निरीक्षण कर स्कूलों में छात्र छात्राओं के स्तर की जांच कर रही हैं। एक सप्ताह के अंदर सचिव ने छह स्कूलों का औचक निरीक्षण किया है। सचिव इस अभियान की शुरुआत खुद पहले एक स्कूल को गोद लेकर करने वाली हैं। इस योजना के तहत सबसे पहले सचिव ने आर के मिशन डूंगरी स्कूल को एडॉप्ट करने की इच्छा जताई है।
सभी उपायुक्तों को भेजा जा रहा है पत्र
शिक्षा विभाग की इस नई पहल के लिए विभाग सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिख रहा है, जिसमें अधिकारियों को एक एक स्कूल एडाप्ट करने की अपील की जा रही है। इसके अलावा कॉर्पोरेट हाउस को भी विभाग की ओर से पत्र लिखा जा रहा है कि वे सभी स्कूलों को एडॉप्ट करे। इस योजना को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। सभी जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षकों को भी इस संबंध में विभाग निर्देश जारी कर रहा है।
क्या होगा लाभ
राज्य के अधिकांश प्राइमरी व मिडिल स्कूल ऐसे है जहां सभी संसाधन होते हुए भी क्वालिटी एजुकेशन बच्चों को नहीं मिल रहा है। अधिकारियों द्वारा स्कूल एडॉप्ट करने से स्कूलों में जहां बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन मिल सकेगा वहीं स्कूल की मॉनिटरिंग सही तरीके से हो सकेगी। स्कूल के शिक्षक भी पूरा ध्यान बच्चों पर देंगे। एक एक स्कूल को पर्सनली अधिकारी विजिट कर उसपर नजर रखेंगे।
गर्ल्स व क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस : अराधना पटनायक
विभागीय सचिव ने कहा कि विभाग का फोकस गर्ल्स और क्वालिटी एजुकेशन पर है। इसलिए विभाग की ओर से ये प्रस्ताव तैयार किया गया है। ताकि एक एक स्कूल पर फोकस हो और बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन मिल सके। फिलहाल इसकी शुरुआत रांची से की जाएगी।