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भ्रष्टाचार पर एप्प का आइडिया देकर ऋषभ बने विनर

7 वर्ष पहले
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रांची। आईआईटी खड़गपुर के ऋषभ श्रीवास्तव को यूनिनॉर द्वारा आयोजित इंटरनेट फॉर ऑल चैलेंज के सर्किल फिनाले का विनर घोषित किया गया। यह बिहार झारखंड के लिए था। गुरुवार को ऋषभ द्वारा प्रस्तुत पीपुल अगेंस्ट करप्शन मोबाइल एप को बेस्ट आइडिया का पुरस्कार मिला। ऋषभ को १६ अक्टूबर को गुड़गांव में आयोजित होनेवाले फाइनल राउंड में प्रवेश मिल गया। यहां अन्य छह सर्किल के विजेताओं के साथ उनकी प्रतियोगिता होगी। यह जानकारी यूनिनॉर के सर्किल बिजनेस हेड एईए जमील ने गुरुवार को पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट फॉर ऑल चैलेंज नामक यूथ समिट नोबल पीस सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है।

विजेता को एक लाख रुपए की राशि के अलावा दिसंबर में नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित होनेवाले समिट में प्रवेश मिलेगा। पहला रनर अप ५०,००० रुपए कैश प्राइज के साथ ओस्लो में प्रतिनिधित्व कर सकेंगे। सेकेंड रनर अप को ५०,००० रुपए का इनाम मिलेगा। सर्किल फिनाले के जज थे अमरेश कुमार, जेबी प्रसाद एवं एईए जमील।

भ्रष्टाचार से लेकर मातृत्व मृत्यु दर की कमी तक का एप

आईआईटी खड़गपुर के ऋषभ श्रीवास्तव ने एंटी करप्शन मोबाइल एप्प की अवधारणा प्रस्तुत की। यह वैसे लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जो भ्रष्टाचार से निजात दिलाना चाहते हैं, लेकिन सामने नहीं आना चाहते। उनके मोबाइल से अपने आप सोशल नेटवर्क और मीडिया के पास वीडियो अपलोड होगा। उसके बाद वह पुलिस प्रशासन के ईमेल पर चला जाएगा।

आईआईएम रांची की कविता कुलधर ने मूक व बधिरों की सहायता करनेवाले एप्प के बारे में बताया। इस एप्प के माध्यम से वैसे लोगों को मदद मिल सकती है, जो बोल और सुन नहीं सकते हैं। इस एप्प से उन्हें समाज के मुख्य धारा में जोड़ने में सहायता मिलेगी। उनके बारे में विस्तृत जानकारी के साथ उन्हें सहायता करने के लिए हर तरह की मदद की जा सकेगी।

एक्सएलआरआई जमशेदपुर के पुलकित गर्ग ने एप्प के माध्यम से सहायता करनेवालों और जिन्हें सहायता चाहिए, ऐसे दो ग्रुप को मिलाने की बात कही। लोग अपनी आइडिया पोस्ट कर सकेंगे और जिस आइडिया को सबसे ज्यादा पसंद किया जाएगा, उसे सोशल नेटवर्क में पोस्ट कर दिया जाएगा। आइस बकेट जैसा फंड इकट्ठा करने में मददगार साबित होगा।

आईआईटी बीएचयू के स्नातक और वर्तमान में टाटा स्टील में कार्यरत गौरव अग्रवाल ने सामाजिक कार्य करने के लिए इच्छुक स्वयं सेवकों को एप्प के माध्यम से जोड़ने की बात कही। इससे गांव के लोगों को ज्यादा मदद मिलेगा। जो युवा इस तरह का काम करना चाहता है, लेकिन उसके पास साधन की कमी है, उसे इस एप्प से सहायता मिलेगी।

एक्सएलआरआई के रूपण रॉय जॉन ने प्रसुताओं की मृत्यु दर को घटाने के लिए एप्प की पेशकश की। उन्होंने बताया कि इस एप्प के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जा सकती है। एनआरएचएम, जननी सुरक्षा योजना आदि को इससे जोड़ा जा सकता है।