टीम का नेतृत्व भारत में चेक राज्य के राजदूत श्री मिलोस्लाव स्टैस्क एवं टीम के अन्य सदस्य जीरी जैनीकेक (दूतावास के वाणिज्य प्रभारी), इवान कामेनिक (प्रतिनिधि, ट्रेड प्रमोशन एजेंसी, चेक व्यापार), जारोस्लव इरा (प्रबंध निदेशक, दूसन
स्कोडा पावर इंडिया), रॉबिन ओझा (प्रबंध निदेशक, विटकोवाइस इंडिया पावर), जारोमिर इवानेक (अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, हुटनी प्रोजेक्ट, फ्राइडेक मिस्टेक), ब्लादिमीर हैवलिसेक (प्रबंध निवेशक, वी.एस.सर्विसेज प्लेजेन एण्ड वाई), मिरोस्लव कोजिसेक (वाणिज्यिकी निवेशक, एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज) शामिल थे। मालूम हो कि चेक की टीम भारी उद्योग एवं उर्जा के क्षेत्र में चेक कंपनियों के अफसरों के साथ दौरा करने का निर्णय ली थी।
टीम के साथ एचईसी के सीएमडी विश्वजीत सहाय समेत अन्य अफसरों ने बैठक की। उच्चस्तरीय बैठक के दौरान एच.ई.सी. के बारे में संक्षिप्त फिल्म दिखाई गई। वार्तालाप के दौरान दोनों पक्षों ने सकारात्मक रूप से आने वाले दिनों में व्यापारिक हितों में वृद्धि की बात की। चेक राजदूत ने आशा प्रकट की कि चेक गणराज्य की विभिन्न कंपनियां एच.ई.सी. एवं अपने व्यापारिक हितों मे वृद्धि हेतु कदम से कदम मिलाकर चलेगी। उल्लेखनीय है कि निगम के तीन प्लांटों में से दो - एफएफपी एवं एचएमटीपी की स्थापना चेक राज्य के तकनीकी सहयोग से ही हुई थी।