फोटो : व्यवसायी पवन अग्रवाल की हत्या की खबर सुनकर रोते बिलखते उनके परिजन।
रांची। अपराधियों ने गुरुवार की रात रांची के लालपुर थाना क्षेत्र स्थित ईस्ट जेल रोड निवासी व्यवसायी पवन अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी। पवन पशु आहार का कारोबार करते थे। प्लाजा चौक और अपर बाजार में उनकी दुकानें हैं। अपर बाजार स्थित पीपी ट्रेडर्स में वे खुद बैठते थे। सिटी एसी अनूप बिरथरे ने बताया कि अपराधियों ने पवन के सीने में दो और हाथ में एक गोली मारी। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है।
कैसे घटी घटना ?
पवन दुकान बंद करने के बाद घर लौटे। जैसे ही घर का गेट खोलने लगे, इसी बीच दो अपराधी वहां पहुंचे और पवन पर तीन गोलियां दाग दीं। आनन-फानन उन्हें सेंटेबीटा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही सिटी एसपी समेत शहर के सारे थानेदार अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पवन की बहन ने बताया कि उन्होंने कुछ लोगों को पवन से हाथापाई करते देखा था।
पवन काफी धार्मिक स्वभाव के थे। पूजा पाठ में ही उनका अधिकांश समय बीतता था। रात में जब उन्हें गोली मारी गयी तो परिवार के सदस्यों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया। वहीं, घर में बने मंदिर में उनकी बड़ी बेटी और परिवार के महिला सदस्य पूजा-पाठ में लग गए। सभी पवन की सलामती के लिए दुआएं कर रहे थे, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत की खबर आ गयी। इसके बाद से घर में मातम पसर गया। पत्नी पार्वती अग्रवाल बार-बार बेसुध हो जा रही थी।
पवन अग्रवाल की हत्या से व्यवसायियों में रोष
व्यवसायी पवन अग्रवाल को गोली लगने के बाद उन्हें आनन-फानन में सेंटेविटा अस्पताल में ले लाया गया। पवन को गेट से इमरजेंसी तक पहुंचाने में अस्पताल के कर्मचारी आधा घंटा लगा दिए। परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर उनका इलाज शुरू हो जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। इलाज में देरी को लेकर व्यवसायी के परिजन व परिचित अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मारपीट करने पर उतारू हो गए। पुलिस ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया। इधर, घटना को लेकर शहर के व्यवसायी काफी गुस्से में हैं।
जल्द होगी गिरफ्तारी
सिटीएसी अनूप बिरथरे ने बताया कि पता चला है कि दो अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है। सीने में दो गोलियां और हाथ में एक गोली मारी गई है।
बदहवास थे परिजन
व्यवसायी पवन अग्रवाल का पोस्टमार्टम शुक्रवार की सुबह रिम्स में होगा। पवन अग्रवाल की मौत के बाद उनके दोनों बेटे सुशील और दीपक और उनकी एक बेटी की स्थिति खराब हो गई। तीनों अस्पताल में मदद के लिए बदहवास कभी पुलिस के पास तो कभी डॉक्टर के पास भाग रहे थे। एक बेटा बार-बार कह रहे थे कि शहर में शरीफ लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। लालपुर थानेदार से परिजन भिड़ गए और उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई। पवन के घरवालों ने बताया कि पवन दुकान से कभी नकद लेकर घर नहीं आते थे।
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फोटो : वसीम।