रांची। झारखंड सहित पूरे देश भर में कचरा की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। दिनों दिन कचरा की मात्रा बढ़ते ही जा रही है। इससे निपटने के लिए देश भर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोग्राम को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। झारखंड में भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोग्राम पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन अभी तक झारखंड को इस बात का अंदाजा नहीं है कि सॉलिड वेस्ट से ऊर्जा का उत्पादन कैसे किया जाता है।
इसकी जानकारी लेने के लिए झारखंड के अधिकारी नई दिल्ली में लगे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण करेंगे। नगर विकास विभाग की ओर से इसके लिए सहमति दे दी गई है। यानि नगर विकास विभाग, नगर निगम के अधिकारी नई दिल्ली के ओखला, गाजीपुर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का जायजा लेंगे, ताकि उससे कुछ सीखकर झारखंड में इस प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
मालूम हो कि रांची में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को लागू किया गया था, लेकिन ठेका लेने वाली कंपनी एटूजेड सिर्फ कचरा का उठाव और उसे डंप करने में ही लगी रही। आखिरकार कंपनी उसमें भी सफल नहीं हो सकी और काम छोड़ दिया।