रांची। झारखंड ऊर्जा विकास निगम में काम कर रहे 590 अनुबंध कर्मियों की सेवा नियमित करने पर पेंच फंस गया है। इन लोगों की सेवा स्थायी करने को लेकर ऊर्जा विकास निगम की तरफ से महाधिवक्ता से राय मांगी गई थी। लेकिन महाधिवक्ता की राय इन्हे सीधे स्थायी किये जाने के खिलाफ है। उन्होंने कहा है कि यह संविधान में सबको समान मौका देने वादे के खिलाफ होगा।
वहीं इनकी नियुक्ति पर कार्मिक प्रशासनिक और राजभाषा विभाग ने भी आपत्ति कर दी है। कार्मिक प्रशासनिक सुधार विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा है इन्हे स्थायी करना संभव नहीं है।
खबर है कि इन लोगों को स्थायी करने की फाइल पर वित्त विभाग ने भी आपत्ति दर्ज की है। इसके बाद भी ऊर्जा विकास निगम इन कर्मचारियों को भरोसा दिला रहा है कि कैबिनेट की अगली बैठक में इस मुद्दे का समाधान निकाल लिया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र प्रसाद ने पिछले दिनों भूख हड़ताल पर बैठे इन अनुबंधकर्मियों को भरोसा दिलाया था कि सरकार इनकी सेवा स्थायी कर देगी।