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बच्चेदानी की ट्यूमर से भी बांझपन : डॉ महापात्रा
रांची : रॉयल कॉलेज ऑफ लंदन के इस्टर्न जोन के प्रतिनिधि डॉ दास महापात्रा ने कहा कि बच्चेदानी में ट्यूमर होने से भी महिलाएं बांझपन की चपेट में आ जाती है। इसका इलाज है। जांच के बाद ही यह हो पाता है कि इलाज सर्जिकल है या मेडीसनल। वह शनिवार को होटल कैपिटोल हिल में आईवीएफ तकनीक पर आयोजित सिंपोजियम में बोल रहे थे। इस अवसर पर आईवीएफ सेंटर की प्रमुख डॉ जयश्री भट्टाचार्या, डॉ शोभा चक्रवती, डॉ उषारानी, डॉ उषानाथ समेत अन्य कई गायनिकॉलोजिस्ट व अन्य डॉक्टर शामिल थें। डॉ महापात्रा आईवीएफ तकनीक की वर्तमान स्थिति और इसके मैनेजमेंट पर बोल रहे थे। कहा कि बच्चेदानी के अंदर क्या क्या दिक्कतें है, इसकी जांच के लिए लेप्रोस्कोपी और एंडोस्कोपी जरुरी है। इससे पता चलता है कि फैलोपियन ट्यूब बंद है या खुला, बच्चेदानी के अंदर ट्यूमर या नहीं या फिर अंदर में क्या दिक्कत हैं। इसकी पहचान के बाद इलाज के बाद महिलाएं मां बन सकती है। जो प्रेगनेंसी कैरी नहीं करती है उन्हें आईवीएफ तकनीक से संतान प्राप्त हो सकता है। वहीं, डॉ उषानाथ ने ओवेरियन कैंसर, कोलकाता क डॉ आर चटर्जी ने सीवियर मेल इनफर्टिलिटी पर जानकारी दी।