रांची। निजी और सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को अब साधारण पढ़ाई करा कर बेस्ट स्टूडेंट्स नहीं बनाया जा सकता। बच्चों को पूर्ण रूप से तैयार करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से पढ़ाना होगा। बच्चों के अंदर वैज्ञानिक सोच जागृत करनी होगी, तभी वर्तमान समय में बच्चा प्रतियोगिताओं का मुकाबला करने में सक्षम हो पाएगा। यह बातें सीमफर धनबाद के सेवानिवृत वैज्ञानिक डॉ. केके शर्मा ने रविवार को बीआईटी लालपुर में आयोजित नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में कही। इस कार्यक्रम का आयोजन साइंस फॉर सोसाइटी संस्था की ओर से किया गया था। डॉ. शर्मा ने उपस्थित शिक्षकों को कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक जागरूकता लाने के लिए शिक्षकों को भी कठिन परिश्रम करने की जरूरत है। बच्चों को सभी विषयों को इस तरह समझाया जाए कि उनके अंदर वैज्ञानिक सोच विकसित हो सके। मौके पर डॉ. शर्मा ने शिक्षकों को मौसम और जलवायु की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही हमारे चारों ओर के मौसम, मानवीय गतिविधियों का मौसम और जलवायु पर प्रभाव, मौसम जलवायु और पर्यावरण प्रणाली, मौसम जलवायु=समाज और संस्कृति, मौसम जलवायु और कृषि, मौसम जलवायु और स्वास्थ्य जैसे विषयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों से इन विषयों पर प्रोजेक्ट बनवाएं, ताकि वैज्ञानिक समझ उनमें जागृत हो। मौके पर डीएनएस आनंद, सुमिता सी, राजीव प्रसाद सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में डीएवी ग्रुप, केन्द्रीय विद्यालय और सरकारी विद्यालयों के शिक्षकगण उपस्थित थे।