फाइल फोटो - पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के साथ हेलिकॉप्टर की सवारी करता नक्सली राजू साव (लाल घेरे में)।
रांची। उग्रवादी संगठन चलाने के आरोप लगने के बाद इस्तीफा दे चुके पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को गिरफ्तार करने गई दिल्ली गई हजारीबाग पुलिस तीन दिनों तक वहां रहने के बाद खाली हाथ लौट आई है। इस बीच इसी मामले में पूछताछ के दौरान टाइगर ग्रुप और झारखंड बचाओ आंदोलन संगठन के प्रशिक्षक राजू साव ने पुलिस के सामने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। राजू ने बताया कि दोनों संगठनों का निर्माण योगेंद्र साव ने किया था। इन संगठनों का इस्तेमाल विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को धमकाने और पक्ष में वोट लेने के लिए करना था। संगठन की बात नहीं मानने और योगेंद्र का विरोध करने वालों के अपहरण की योजना थी। चुनाव में होने वाले खर्च की राशि भी अपहरण, फिरौती और लेवी से जमा करनी थी।
स्पेशल ब्रांच ने की लंबी पूछताछ
हजारीबाग पुलिस और स्पेशल ब्रांच रांची की टीम ने राजू साव से एसपी आवास पर लंबी पूछताछ की। राजू साव ने कहा कि हथियार और वर्दी के अलावा वाहन और
मोबाइल फोन का खर्च भी योगेंद्र साव ही वहन करते थे। उसने कुछ ऐसे लोगों के नाम भी पुलिस को बताए, जो योगेंद्र और राजू के काफी करीब थे। ये खास लोग योगेंद्र साव के साथ कई बार हेलिकॉप्टर में यात्रा कर चुके हैं।
थिंक टैंक का नाम बताया
राजू ने एक खास व्यक्ति का नाम भी पुलिस को बताया, जो थिंक टैंक के रूप में काम करता था। केरेडारी प्रखंड निवासी वह व्यक्ति अभी फरार है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आता था और सप्लायर कौन था। राजू साव 18 से 22 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर है।
योगेंद्र के 20 और राजू के 6 करीबियों के नाम आए
पुलिस योगेंद्र साव और राजू साव के करीबी लोगों की सूची तैयार कर रही है। राजू से पता लगाया जा रहा है कि किसकी क्या भूमिका थी। राजू से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने योगेंद्र साव के 20 करीबी लोगों की सूची बनाई है। ये सभी केरेडारी, बड़कागांव और पतरातू प्रखंड के हैं। जबकि राजू साव के छह करीबी लोगों में पांच केरेडारी के और एक लातेहार जिले के छिपादोहर निवासी अनूप साव का नाम है। अनूप राजू साव का साला है। वह योगेंद्र साव द्वारा मुहैया कराए गए बाइक और हथियार लेकर फरार है। राजू के मुताबिक अनूप के नेतृत्व में लातेहार के कई लोग संगठन में सक्रिय थे।
बाइक विक्रेता से भी पूछताछ
पुलिस ने बजाज शोरूम के मालिक मंजीत
सोनी से भी पूछताछ की। मंजीत ने टाइगर ग्रुप के सरगना राजकुमार गुप्ता के बयान की पुष्टि कर दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि गंगा साव, राजू साव और सुदामा साव ने मोटरसाइकिल खरीदी थी, जिसका कुछ पैसा अभी भी बाकी है।
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