रांची। सरकारी और गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थानों को अब स्टाइपेंड लेने के लिए बोनाफाइड सटिर्फिकेट के साथ साथ जिला कल्याण शाखा को उसका हार्डकॉपी को भी भेजना होगा। तभी दोनों सर्टिफिकेट के मिलान के बाद ही स्टाइपेंड का पैसा छात्रों के एकाउंट में भेजा जाएगा।
यह निर्देश सोमवार को जिला कल्याण पदाधिकारी नीरज कुमारी ने संस्थान के प्रतिनिधियों को दी। आज करीब सौ से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिसमें प्रतिनिधियों ने भी कई सुझाव दिए। मालूम हो कि स्टाइपेंड के नाम पर हो रहे फजीर्वाड़ा पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन यह प्रयास कर रही है।
बैठक के बाद कुमारी ने बताया कि सभी संस्थानों से 34 बिंदु पर जानकारी मांगी गयी है। इसकी सूचना सभी को ईमेल और एसएमएस के द्वारा भेजी जा रही है। इसमें कॉलेज को अपना पूरा डाटा बेस देना होगा। इसके अलावा यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भी देने को कहा गया है। जिन कॉलेजों के पास भी भी स्टाइपेंड का पैसा पड़ा हुआ है। वे जल्द से जल्द चेक या फिर ड्रॉफ्ट के द्वारा जमा करना है। इसके अलावा स्टाइपेंड के लिए आवेदन देनेवाले वैसे छात्रों के पिता का पैन कार्ड और बैंक स्टेटमेंट जमा करना होगा। जो नौकरी करते हैं। ताकि गलत आय प्रमाण पत्र देनेवाले छात्रों पर अंकुश लगायी जा सके।