रांची। राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 23 पर हलवाई पुल के बगल में निर्मित डायवर्सन क्षतिग्रस्त होने के मामले में तत्कालीन कार्यपालक अभियंता नरेंद्र प्रसाद शर्मा (वर्तमान पदस्थापन धनबाद) को दोषी पाया गया है। शर्मा को इसके लिए सरकार की ओर से दंडित किया गया है। इसमें उनकी तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। साथ ही उन्हें निंदन की सजा दी गई है।
पथ निर्माण विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। नरेंद्र शर्मा पर यह आरोप सिद्ध हुआ कि उनके प्राक्कलन बनाने में खामी थी। इन्हीं कारणों से बेड कंक्रीट के सेटल होने पर सेंटर लाइन से संरचना कोलैप्स कर गई और डायवर्सन में ह्यूम पाइप बीचों बीच ध्वस्त हो गई। साथ ही हेड वॉल भी पूरे लंबाई में क्रेक हो गया।