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केंद्रीय गृह मंत्री ने आदिवासी बच्ची को गोद में उठा लिया

7 वर्ष पहले
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रांची। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ का झारखंड आगमन कई मायनों में खास बन गया है। उन्होंने कुख्यात नक्सल प्रभावित सारंडा में बाइक चलाकर मीडिया का ध्यान तो आकर्षित किया ही, वहां आदिवासियों से मुलाकात के दौरान उनका भी दिल जीत लिया। राजनाथ ने आदिवासी महिलाओं को साड़ी बांटते-बांटते एक आदिवासी बच्ची को गोद में उठा लिया और उसे दुलारने लगे। राजनाथ के इस प्रेमपूर्व व्यवहार से स्थानीय आदिवासी भाव-विभोर हो गए।
खुद बाइक चलाकर सीआरपीएफ कैंप पहुंचे
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को नक्सल प्रभावित इलाके में खुद बाइक चलाकर सीआरपीएफ कैंप पहुंचे। रांची आने के बाद वह हेलिकॉप्टर से सारंडा पहुंचे। वहां से थलकोबाद स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचने के लिए मोटरसाइकिल का सहारा लिया। उनके साथ राज्य के डीजीपी राजीव कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी थे। सारंडा को एशिया के सबसे घने जंगलों में से एक कहा जाता है। ऐसे संवेदनशील इलाके में जब गृह मंत्री ने खुद बाइक चलाने की बात कही तो वहां मौजूद अधिकारी अचंभित रह गए।
इंडियन एयर फोर्स के एमआई 17 हेलीकॉप्टर से उतरे

केंद्रीय गृहमंत्री का इंडियन एयर फोर्स के एमआई 17 हेलीकॉप्टर से थोलकोबाद में उतरते केंद्रीय सुरक्षा बल के निदेशक दिलीप त्रिवेदी, केंद्र सरकार की गृह मंत्रालय के सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार, मुख्य सचिव सुधीर प्रसाद व डीजीपी राजीव कुमार के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। स्वागत के बाद उन्हें सीआरपीऍफ़ कैंप ले जाने के लिए वाहन तैयार था, परन्तु राजनाथ सिंह ने बाइक से ही जाने इच्छा जताई। इसपर तुरंत उनके लिए बाइक का इंतजाम किया गया। बाइक आते ही उसपर सवार सीआरपीऍफ़ के जवान को उन्होंने पीछे बैठने को कहा और खुद बाइक चलाने लगे। इस दौरान उन्होंने लगभग 800 मीटर दुर्गम रास्तों पर बाइक दौड़ाई।

आदिवासी महिलाओं को साड़ियां बांटी

कैंप पहुंचने पर केंद्रीय गृहमंत्री का गर्मजोशी से आदिवासी महिलाओं ने स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने आदिवासी महिलाओं के बीच साड़ियां बांटी। इसके बाद वे सुरक्षा बल के जवानों को सम्बोधित करने पहुंचे।

जवानों को सुनाई चन्द्रशेखर आजाद की कहानी
अपने सम्बोधन में उन्होंने दुर्गम क्षेत्र में रह रहे तथा नक्सलियों से लोहा ले रहे जवानों की जमकर सराहना की और शहीद हुए जवानों की तुलना चंद्रशेखर आज़ाद और वीर भगत सिंह से करते हुए उन्हें उनकी कहानियां सुनाई। इस दौरान उन्होंने जम्मू कश्मीर में तैनात सेना के जवानों की तर्ज पर झारखंड में तैनात सीआरपीएफ़ जवानों को भी विशेष भत्ता देने की घोषणा की। घोषणा सुनकर जवानों ने जमकर तालियां बजाई। उन्होंने आगे कहा कि मेरी इच्छा थी कि उन बीहड़ क्षेत्रों में जाऊं जहां बीएसऍफ़ व सीआरपीऍफ़ के जवान ड्यूटी करते हैं। उन्होंने अपने आप को कैंप में आकर जवानों के साथ पल बिताने को अपना भाग्य कहा। उन्होंने उन माताओं को भी नमन किया जिन्होंने इन वीर जवानों को पैदा किया। उन्होंने आगे कहा कि जवानों के पास बिस्तर नहीं हैं परन्तु उनमे पराक्रम में कोई कमी नहीं है। उन्होंने सारंडा को सुरक्षित करने के लिए वीर जवानों की तारीफ़ की।

इंसास की जगह एके-47 से लैस होंगे जवान

इसके बाद राजनाथ ने जवानों से उनकी समस्याएं जानने की इच्छा जताई, जिसके बाद एक जवान ने बुलेट प्रूफ जैकेट की जरुरत बताई। इसपर राजनाथ सिंह ने जैकेट को तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया। एक जवान ने छुट्टी जाने पर रिस्क अलावंस काटे जाने की शिकायत की जिसे राजनाथ ने तुरंत तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश जारी किया। इसके साथ ही बुलेट प्रूफ हेलमेट व ्र्य-४७ राइफल इत्यादि देने की घोषणा भी सिंह ने की। उन्होंने जवानों के साथ खाना भी खाया।

केंद्रीय मंत्री को अपने नजदीक पाकर सभी जवान गदगद रहे। मंत्री ने पुरस्कार स्वरुप केंद्रीय सुरक्षा बल के १९७ बटालियन को एक लाख रुपये नगद भी दिए। इस दौरान लगभग डेढ़ घंटे तक मंत्री जवानों के साथ रहे।

बीएफएफ के विमान से पहुंचे रांची

राजनाथ सिंह बीएसएफ के विमान से तय समय से एक घंटा देरी से रांची पहुंचे। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर बीजेपी नेताओं ने उनकी अगवानी की। एयरपोर्ट पर झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवीद्र राय, पूर्व सीएम अजुर्न मुंडा, धनबाद के सांसद पीएन सिंह समेत अन्य नेता पहले ही पहुंच गए थे।

आगे देखें नक्सली इलाके में राजनाथ की और भी तस्वीरें...

फोटो - रजनीकांत पाठक।