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प्रेस-पुलिस लिख पुलिस को देते हैं धोखा

7 वर्ष पहले
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फोटो : बिना हेलमेट बाइक चलाता फर्जी प्रेस लिखकर चलने वाला युवक व फर्जी पुलिस वाला।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में प्रेस और पुलिस के नाम पर पुलिस को सरे-राह धोखा दिया जा रहा है। इस खेल का खुलासा तब हुआ, जब गुरुवार को पुलिस सुजाता चौक पर वाहन जांच कर रही थी। दिन के सवा दो बजे ओवरब्रिज से सुजाता चौक की ओर रांग साइड रहे एक मालवाहक ऑटो को पुलिस रुकने का इशारा करती है। पुलिस ने ड्राइवर से वाहन के कागजात मांगे। ड्राइवर राजू कागज दिखाने की बजाए पुलिस पर ही रौब जमाने लगा। बताया कि यह प्रेस की गाड़ी है। कौन प्रेस पूछने पर राजू ने मोबाइल निकालकर पुलिस को पकड़ा दिया। उधर से एक अखबार का नाम लेते हुए बताया गया कि वह सीनियर क्राइम रिपोर्टर शंभु यादव है। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि इस नाम का कोई आदमी उस अखबार में नहीं था। प्रेस के नाम पर फर्जीवाड़ा कर पुलिस को चकमा देने की कोशिश करने वाले ऑटो को जब्त कर पुलिस ने चुटिया थाना के हवाले कर दिया। शुक्रवार को भी पुलिस इसी तरह इन फर्जी वाहनों के खिलाफ धरपकड़ अभियान चला रही है।
फर्जी पुलिस लिखी बाइक भी धराई
पुलिस ने दो बाइक सवारों पंकज कुमार और कुंदन कुमार को पकड़ा। दोनों की बाइक पर पुलिस लिखा हुआ था। पुलिस ने दोनों से कागजात मांगे तो दोनों पुलिस पर भड़क गए। एक ने बताया कि उसके चचेरे भाई सुजीत कुमार कोबरा बटालियन में जवान हैं। दूसरे की दलील थी कि पटना में रहने वाला उसका मौसेरा भाई पुलिस में है। इसके बाद दोनों को ट्रैफिक पुलिस ने पकड़कर चुटिया थाना के हवाले कर दिया।
मानवाधिकार कार्यकर्ता बना प्रेस कर्मी
चेकिंग के दौरान एक बाइक सवार मनोज कुमार को ट्रैफिक पुलिस ने पकड़ा। उसकी बाइक पर बड़े अक्षरों में प्रेस लिखा था। पूछताछ में बताया कि वह मानवाधिकार कार्यकर्ता है। कहा कि उसके बॉस सुनील कुमार ने गाड़ी पर प्रेस लिखाकर चलने का आदेश दिया है। गाड़ी के कागजात मांगने पर वह पुलिस से उलझ गया और देख लेने की धमकी देने लगा। ट्रैफिक पुलिस ने उसे भी पकड़कर चुटिया थाना भेज दिया।
420 का मुकदमा दर्ज होना चाहिए

किसी भी गाड़ी में प्रेस और पुलिस लिखकर चलना गैरकानूनी है। यह एमवी एक्ट की धारा का सरासर उल्लंघन है। कोई यदि गाड़ी पर फर्जी तरीके से ऐसा लिख कर चलता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए।'' - राजीव रंजन, चेयरमैन, बार काउंसिल।

जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
वाहन पर फर्जी तरीके से प्रेस या पुलिस लिखकर पुलिस को चकमा देनेवालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कानूनन अपराध है। इस मामले में जल्द ही एक टीम गठित कर चौक-चौराहों पर अभियान चलाकर जांच की जाएगी।'' - राजेंद्र कुमार चौधरी, ट्रैफिक डीएसपी।
आगे की स्लाईड्स में देखें कैसे ट्रैफिक पुलिस ने पकड़े और भी फर्जी पुलिस और प्रेस वालों को -
फोटो : वसीम।