फोटो : विवि मुख्यालय में नाराज जेआरएफ।
रांची। रांची यू्निवर्सिटी के जेआरएफ स्टूडेंट्स को पिछले दो साल साल छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हुआ है। अधिकारियों के रवैया नाराज जेआरएफ नारेबाजी करते हुए विवि मुख्यालय में पहुंचे। तब प्रोवीसी डॉ. रजीउद्दीन, डीएसडब्ल्यू डॉ. एससी गुप्ता मुख्यालय में बाहर जा रहे थे। रिसर्च स्कॉलरों ने प्रोवीसी की गाड़ी रोक दी। पूछा कि आखिर कब कब भुगतान होगा।
प्रोवीसी ने कहा कि मैं मामले को देखता हूं। इसके बाद प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद प्रोवीसी अपने कक्ष में वापस लौट गए। इसके बाद प्रोवीसी से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बातचीत हुई। प्रोवीसी द्वारा स्कॉलरशिप भुगतान करने के संबंध शीघ्र कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इसके बाद स्टूडेंट्स शांत हुए।
एआईएसफ के बैनर तले जेआरएफ ने प्रदर्शन किया। इसमें मुख्य रुप से एआईएस एफ के राज्य सचिव पावेल कुमार, मो. हदिस, अवध समेत अन्य रिसर्च स्कॉलर थे।
प्रत्येक जेआरएफ का पांच लाख बकाया
रांची यूनिवर्सिटी के अंतर्गत के एक सौ से अधिक जेआरएफ पीजी विभागों हैं। इन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से प्रतिमाह 20 हजार रुपए मानदेय मिलता है। प्रत्येक रिसर्च स्कॉलर को लगभग पांच लाख रुपए बकाया है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि समय पर मानदेय नहीं मिलने के कारण रिसर्च में परेशानी हो रही है।
अधिकारी नहीं सुनते हैं
प्रोवीसी से प्रदर्शन कर रहे रिसर्च स्कॉलरों ने विवि अधिकारियों की शिकायत की। कहा कि अधिकारी जेआरएफ की बात नहीं सुनते हैं। हाल में एक अधिकारी से मिलने जेआरएफ स्टूडेंट्स मिले और कहा कि भुगतान नहीं होने के कारण करियर चौपट हो जाएगा। आत्महत्या की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस पर विवि अधिकारी ने कहा कि आत्महत्या करने से कौन रोक रहा है।
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फोटो : आरके राकेश।