फोटो - दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा की आराधना करतीं तारा शाहदेव।
रांची। तारा शाहदेव नवरात्र में नौ दिनों के व्रत में है। यह उसका पहला नवरात्र है। इसकी मुख्य वजह तारा ने नया जीवनदान मिलना बताया है। तारा ने कहा कि उसकी रक्षा भगवान ने की है और उसे बचाकर घर तक पहुंचाया है। इसलिए वह भगवान को कभी नहीं भूल सकती है। भगवान उसके साथ नहीं होते, तो वह दोबारा अपने घर नहीं पहुंच पाती। वह भी ऐसे समय में जब वह पूरी तरह अस्वस्थ है। पीठ के दर्द से अभी भी बेचैन रहती है। लगातार खड़ा रहने में उन्हें परेशानी होती है। शनिवार को उन्होंने एमआरआई कराया है। डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। चूंकि दो महीने बाद ही उन्हें नेशनल गेम्स में हिस्सा लेने के दिल्ली जाना है। इस वजह से वह प्रैक्टिस भी नहीं छोड़ सकती है। वह घर में ही प्रैक्टिस कर रही हैं। पिता अंबिका नाथ को नवरात्र में पूजा करने के लिए जशपुर भेजा है। वहां कुल देवता की पूजा करने के बाद वे रांची लौटेंगे।
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फोटो - वसीम।