रांची। आरएसएस को बुलबुल पक्षी नहीं, देश पर मर मिटने वाले नौजवानों की जरूरत है। आरएसएस भी ही चाहता है, क्योंकि जो भी व्यक्ति यहां का अन्न, मिट्टी, जल ग्रहण करता है वह हिंदुस्तानी है। वह देश के लिए समर्पित है। चाहे यहां रहनेवाले हिंदु हो या मुसलमान। सिख हो या ईसाई। उसे अपने देश के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। उक्त बातें आरएसएस के क्षेत्र संपर्क प्रमुख अनिल ठाकुर ने कही। वह रविवार को आरएसएस रांची महानगर की ओर से आयोजित विजयादशमी उत्सव समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।
आज के ही दिन संघ की स्थापना 1925 में हुई थी। यह समारोह पटेल पार्क मैदान, हरमू में हुआ। समारोह में काफी संख्या में स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।
ठाकुर ने कहा कि आज देश में एक प्रकार की हलचल मची है। हिंदुओं के काम और हिंदू धर्म को सांप्रदायिक माना जा रहा है। लेकिन, उनको यह सोचना चाहिए कि हिंदू धर्म संकुचित नहीं है यह व्यापक है। संघ देश के लिए समर्पित है। हमारी अस्त्र शस्त्र पूजा पर भी सवाल उठाया जाता रहा है, जबकि यह पूजा सनातन धर्म की परंपरा है।
संघ तो पर कल्याण, सीमा की रक्षा के लिए बना है। अध्यक्षता अभा आदिवासी विकास परिषद के महासचिव तेज प्रताप भगत ने किया।
०० आकर्षक था पथ संचलन
विजयादशमी उत्सव में सबसे पहले पथ संचलन का कार्यक्रम हुआ। पटेल पार्क मैदान से शुरु हुआ,जो सहजानंद चौक, डीएवी कपिलदेव स्कूल, कडरू रोड, अरगोड़ा चौक, हरमू चौक होते हुए समारोह स्थल पहुंचा। इसमें काफी संख्या में स्वयंसेवक पूरे गणवेश में शामिल हुए। पूर्व विस अध्यक्ष सीपी सिंह, दीपक प्रकाश समेत कई भाजपाई भी शामिल हुए। इसके बाद ध्वज पूजन, शस्त्र व गुरु पूजन किया गया