पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • काउंसलिंग का अर्थ कौशल विकास : डॉ अमूल रंजन

काउंसलिंग का अर्थ कौशल विकास : डॉ अमूल रंजन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रांची। काउंसलिंग केवल कमजोर बच्चे की ही नहीं, बल्कि तेज बच्चों की भी की जानी चाहिए जिससे वे अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकें। उक्त बातें काउंसलिंग कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर अमूल रंजन ने डीएवी कपिलदेव में सोमवार को शिक्षकों के लिए मार्गदर्शन कार्यशाला में कहीं। उन्होंने कहा काउंसलिंग का अर्थ मानसिक बीमारी से नहीं समझा जाना चाहिए । उन्होंने कहा काउंसलिंग का अर्थ कौशल विकास से है न कि बीमारी से।
रंजन ने शिक्षकों को बताया कि वे किस प्रकार काउंसलिंग कर बच्चों को सही राह पर ला सकते हैं। रिनपास के निदेशक ने बताया कि काउंसलिंग करने में माता-पिता की अहम भूमिका होती है। इससे बच्चे की कमियों और अच्छाइयों को जानकर कमियों को दूर किया जा सकता है।
झारखंड साइकोग्राफिक सोसाइटी के निदेशक विकास कुमार ने काउंसलिंग के प्रति आम लोगों की धारणा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय के शिक्षकों के माध्यम से काउंसलिंग का काम बड़ी आसानी से किया जा सकता है।
विद्यालय के प्राचार्य एम के सिन्हा ने कहा कि कई बार शिक्षक की बात बच्चों को बहुत प्रभावित कर जाती है और यह उनके जीवन में सदा काम आता है। बाद में डॉक्टर अमोल रंजन, विकास कुमार और प्राचार्य ने शिक्षकों ने कई प्रश्नों के जवाब दिए। शिक्षकों की ओर से गौतम कुमार पाठक, सुभाष चंद्र महतो, आराधना सिन्हा, राज्यश्री सिंह, साधना शर्मा , एस के मिश्रा आदि ने प्रश्न पूछे।