- Hindi News
- कनवोकेशन में १४ टॉपरों को गोल्ड व २५४६ को मिलेगी डिग्री
कनवोकेशन में १४ टॉपरों को गोल्ड व २५४६ को मिलेगी डिग्री
फोटो : संदीप
बीआईटी मेसरा का २५वां दीक्षांत समारोह आज, साइंटिस्ट पद्मश्री प्रो. माधवन चंद्र दत्तन होंगे चीफ गेस्ट
भास्कर संवाददाता, रांची
बीआईटी मेसरा में २५वें दीक्षांत समारोह का आयोजन १२ दिसंबर को होने जा रहा है। समारोह के चीफ गेस्ट साइंटिस्ट पद्मश्री प्रो. माधवन चंद्र दत्तन होंगे। अध्यक्षता राज्यपाल सह कुलाधिपति डॉ. सैयद अहमद करेंगे। इस कनवोकेशन में १४ स्टूडेंट को गोल्ड मेडल दिया जाएगा। इसमें वीसी डॉ. मनोज कुमार मिश्र बीआईटी के उपलब्धियों पर प्रकाश डालेंगे। इधर डिप्टी रजिस्ट्रार एसएस अख्तर ने बताया कि समारोह की तैयारी पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह में २५४६ स्टूडेंट को डिग्री दी जाएगी। इसमें १४६५ अंडर ग्रेजुएट डिग्री, ८९६ पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री, ३९ पीएचडी और १४६ डिप्लोमा के सर्टिफिकेट शामिल है।
इन्हें मिलेगा गोल्ड मेडल
स्टूडेंट डिपार्टमेंट
रूही रंजन बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर
तनय ठाकुर बॉयोटेक्नोलॉजी
प्रतीक कुमार सिविल
अनुश्री कं प्यूटर साइंस
अशराम जमील इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक
आकांक्षा ग्रोवर इलेक्ट्रानिक्स एंड क यूनिकेशन
सपना कुमारी इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी
आशीष गुप्ता मेकेनिकल
संगीता कुमारी केमिकल एंड पोलीमीर
आशीष रंजन प्रोडक्शन
तृप्ता कुमारी बैचलर ऑफ फार्मेसी
ज्योति कुमारी बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट
राहुल गौर बैचलर ऑफ साइंस
बीआईटी का स्वर्णिम रहा है इतिहास
बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना सन् १९५५ में उद्योगपति ब्रज मोहन बिरला ने की थी। प्रारंभिक वर्षों में संस्थान पटना विश्वविद्यालय से संबद्ध था। वर्ष १९६० में रांची विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद संस्थान की संबद्धता नये विश्वविद्यालय के साथ हुई। वर्ष १९८६ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग संस्थान को डीम्ड विश्वविद्यालय घोषित किया। इस संस्थान का इतिहास काफी स्वर्णिम रहा है। स्थापना काल से ही तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने में सफल रहा है। यह झारखंड के रांची में स्थित भारत का अग्रणी स्वायत्त अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी उन्मुख संस्थान है। मेसरा स्थित मुख्य परिसर के अलावा लालपुर रांची, इलाहाबाद, कोलकाता, नोएडा, जयपुर, चेन्नई, पटना और देवघर में बीआईटी का ब्रांच है। इसके अतिरिक्त बहरीन, मस्कट, संयुक्त अरब अमीरात और मॉरिशस में बीआईटी के अंतरराष्ट्रीय केंद्र हैं। जून २००५ में जाने माने मीडिया हाउस द्वारा सर्वे में इसे देश के दस श्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों में शुमार किया गया था।
ऐसी है प्रशासनिक व्यवस्था
एडमिस्ट्रिेटिव काउंसिल के देख रेख में संस्थान नियंत्रित और संचालित है। इस परिषद में मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, राज्य सरकार, समेत अन्य शिक्षाविद इसमें शामिल हैं। गंगा प्रसाद बिरला इस परिषद के अध्यक्ष हैं। झारखण्ड के राज्यपाल संस्थान के कुलाधिपति हैं। तकनीकी परिषद संस्थान की शैक्षणिक नीति तय करती है।
संस्थान की यह है स्थिति
रांची से १६ किलोमीटर दूर जुमार और स्वर्णरेखा नदियों के संगम पर मेसरा गांव के सुरम्य वातावरण में बीआईटी मेसरा का मुख्य परिसर ७८० एकड़ स्थित है। यह देश के सबसे सुंदर शैक्षणिक परिसरों में से एक है। मेसरा परिसर पूरी तरह से आवासीय है। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर स्टूडेंट्स और फैकल्टी और स्टाफ के सदस्यों को आवास उपलब्ध है। इसके बृहद संरचना में अनुसंधान प्रयोगशालाएं, व्याख्यान कक्ष, कार्यशालाएं, खेल के मैदान, व्यायामशाला और एक लाख से अधिक पुस्तकें-पत्रिकाओं और इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस से युक्त एक केन्द्रीय पुस्तकालय शामिल हैं।
संस्थान के ये हैं डिपार्टमेंट
अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी
व्यावहारिक यांत्रिकी विभाग
सिविल अभियांत्रिकी विभाग
संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग
विद्युत एवं इलेक्ट्रानिकी अभियांत्रिकी विभाग
इलेक्ट्रानिकी एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग
पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग
यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग
बहुलक अभियांत्रिकी विभाग
उत्पादन अभियांत्रिकी विभाग
सुदूर संवेदन विभाग
अंतरिक्ष अभियांत्रिकी एवं रॉकेट विज्ञान विभाग
अनुप्रयुक्त विज्ञान
अनुप्रयुक्त रसायनशास्त्र विभाग
अनुप्रयुक्त गणित विभाग
अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग
जैव चिकित्सा यंत्रीकरण विभाग
सूचना विज्ञान विभाग
फार्मेसी विज्ञान विभाग
जैव प्रौद्योगिकी विभाग
वास्तुकला विभाग
प्रबंधन विभाग
होटल प्रबंधन एवं खानपान प्रौद्योगिकी विभाग
कोट
संस्थान की वैश्विक पहचान
संस्थान वैश्विक पहचान बनाने में सफल रहा है। देश-विदेश के जाने माने संस्थानों के प्रमुख पदों पर यहां के