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ऑनर किलिंग और धर्मांतरण

7 वर्ष पहले
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रांची। झारखंड की राजधानी रांची में एक ही दिन 'हॉनर किलिंग' और 'लव जिहाद' का मामला सामने आया है। शनिवार को जहां एक युवक की हत्या उसकी पत्नी के भाई ने कर दी, वहीं एक रिटायर्ड फौजी की पत्नी अपने भाई और बच्चे को लेकर प्रेमी के साथ भाग गई है। फौजी ने अपने दोस्त पर पत्नी को भगाने और उसका जबरन धर्म बदलने को लेकर बरियातू थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
हॉनर किलिंग
एक युवक ने अपनी ही बहन के पति की गोली मारकर हत्या कर दी। महिला ने अपने घर वालों के खिलाफ जाकर छह माह पूर्व प्रेम विवाह किया था। जानकारी के अनुसार रांची के सांड़ी गांव की वसुंधरा ने महेन्द्र से लव मैरिज की थी। तभी से उसका भाई उनकी शादी के खिलाफ था। शादी के बाद से ही दोनों के खिलाफ गांव में भी विरोध होने लगा था और पंचायत ने भी तय किया था कि दोनों को समझा कर अलग किया जाए। मृतक की पत्नी वसुंधरा उसका सुहाग उजड़ने के लिए अपने भाई और चाचा को ही जिम्मेदार ठहरा रही है। वह पांच माह से गर्भवती भी है। घटना से सांडी गांव में मातम छा गया है।
हत्या के बाद से महेंद्र की पत्नी वसुंधरा देवी (25 वर्ष) के आंसू थम नहीं रहे हैं। जिस उम्मीद के साथ उसने महेंद्र के साथ जीवन भर साथ रहने की कसम खाई थी, वह ठीक से शुरू होने से पहले ही अचानक खत्म हो गई। उसकी मांग उजाड़ने में उसका ही बड़ा भाई शामिल होगा, ऐसा उनसे सपने में भी नहीं सोचा था। वसुंधरा अपने पति के शव के पास बैठी शून्य को निहार रही थी। मानो कह रही हो अपनी मर्जी से शादी करने की इतनी बड़ी सजा क्यों मिली?

उत्तेजित लोगों ने आरोपी का घर जला दिया

शाम चार बजे जैसे ही महेंद्र का शव ओरमांझी में उसके सांडी गांव पहुंचा, ग्रामीण उत्तेजित हो गए और आरोपी मुकेश महतो के घर में आग लगा दी। आगजनी में आरोपी मुकेश के खपरैल घर का अधिकांश हिस्सा जल कर नष्ट हो गया। घर में ही मुकेश की जेनरल स्टोर की दुकान थी। वह भी जलकर राख हो गई। आगजनी की सूचना के बाद फायर ब्रिगेड का वाहन पहुंचा, लेकिन सड़क जाम रहने के कारण घटना स्थल तक नहीं पहुंच सका। घर में रात तक आग लगी हुई थी।

अकेला कमाऊ पूत था महेंद्र

महेंद्र घर का बड़ा बेटा था। वह पेशे से पेंटर था। घरों में रंग-रोगन का काम करता था। इस काम के लिए उसने एक टीम बनाई थी, जिसमें दोनों सगे भाई मनीष और धर्मेंद्र के अलावा गांव के दस युवक भी जुड़े थे। महेंद्र काम का ठेका लेता था। टीम महेंद्र के नेतृत्व में काम करती थी।

विरोध में शव के साथ सड़क जाम

घटना के विरोध में सांडी गांव के लोगों ने महेंद्र के शव के साथ शाम साढ़े चार बजे से ओरमांझी-सिकिदरी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जाम करने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी, जो काफी उग्र थीं। सभी आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। पुलिस के आश्वासन के बाद देर शाम सड़क जाम हटाया गया।
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