फाइल फोटो: पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय।
रांची। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर झूठे वादे कर जनता को छलने का आरोप लगाते हुये कहा कि झारखंड की दुर्दशा के लिये भारतीय जनता पार्टी ही जिम्मेदार है।
सहाय ने आज दुमका में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस की आलोचना करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान जो वायदे किये थे वह उन्हें पूरा करने में नाकाम रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जमीन अधिग्रहण कानून किसानों के हित के लिये बनाया था लेकिन केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार इस मे बदलाव करने का प्रयास कर रही है और इसका खामियाजा किसानो को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में सबसे अधिक समय तक भाजपा ही सत्ता में रही फिर भी राज्य में कोई भी विकास नहीं किया गया। संथालपरगना विकास के मामले में पूरी तरह उपेक्षित रहा है। यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और राज्य के सभी २४ जिलों में नक्सली गतिविधिया बढ़ी है। इसके लिये भाजपा ही जिम्मेदार है।
उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य में पिछड़ापन, विकास कार्यो में कमी, चौतरफा गरीबी और आधारभूत सुविधाओं में कमी क्यों रह गयी है क्या इसके लिये भाजपा जिम्मेदार नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में कुल 42 समझौते हुये लेकिन एक भी समझौते को लागू क्यों नहीं किया गया है। इसके अलावा रांची को ग्रेटर रांची बनाने की दिशा में पहले क्यों नहीं की गयी और राज्य के 69 लाख परिवारों में से करीब 37 लाख परिवार गरीबी रेखा के नीचे क्यो हैं। झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में से 12 सीटों पर विजय हासिल करने वाली भाजपा जनता को यह बताये कि उसने राज्य की हालत को सुधारने के लिये क्या-क्या कदम उठाये हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार कांग्रेस पर बाप बेटे और परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते है लेकिन क्या वह इस बात का जवाब देंगे कि पंजाब मे अकाली दल, केन्द्र में लोक जनशक्ति पार्टी और तेलगु देशम पार्टी, अपना दल तथा शिवसेना जैसी क्षेत्रीय पार्टी क्यों वंशवाद और परिवारवाद की नीति पर चल रही हैं।
राज्य के श्रम नियोजन मंत्री के एन त्रिपाठी ने इस मौके पर कहा कि भाजपा सरकार पूववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गयी मनरेगा योजना के तहत झारखंड की तीन हजार करोड़ रुपये की राशि रोकने, इंदिरा आवास की राशि आधी करने तथा अन्य जन विरोधी गतिविधियों मे लिप्त है।