रांची। प्रदेश कांग्रेस के भीतर सबकुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत के विरुद्ध मुहिम शुरू हो गई थी लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद यह मुहिम अब जोर पकड़ चुकी है।
एक ओर जहां सुखदेव भगत प्रमंडलीय सम्मेलन करके यह जताना चाह रहे हैं कि वह पार्टी को मजबूत करने की कवायद में जुटे हैं वहीं उनके विरोधी यह बताना चाह रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष की न तो संगठन पर कोई पकड़ है और न ही वे जनता के बीच पैठ बनाने में ही कामयाब हो पाए हैं।
इसी वजह से दोनों चुनावों में पार्टी को मुंह की खानी पड़ी है। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचू एवं पूर्व सांसद फुरकान ने तो सीधे तौर पर इनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन दोनों नेताओं का कहना है कि पिछली कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश प्रभारी के समक्ष यह निर्णय हुआ था कि पार्टी पहले हार की समीक्षा करेगी। इसके बाद ही संगठन को मजबूत करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन प्रमंडलीय सम्मेलन कर प्रदेश अध्यक्ष अपनी नाकामी को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।