रांची। देश में पुलिसकर्मी सामाजिक सुरक्षा के रीढ़ हैं। शांति बनाए रखने एवं सामाजिक बुराइयों से प्रतिरक्षा में उनकी भूमिका उल्लेखनीय है। इसके बावजूद उन्हें कई तनावग्रस्त परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके परिणाम स्वरूप पेशे से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के अलावा उनके तनाव संबंध विकारों से ग्रसित होने की आशंका अधिक रहती है। तनाव से मुक्ति दिलाने में योग को सर्वाधिक सफल माना जाता है।
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने पुलिसकर्मियों को केंद्रीय सेक्टर योजना के माध्यम से योग प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। इसके लिए गृह सचिव एवं डीजीपी को केंद्र ने पत्र लिखा गया है। योग प्रशिक्षण का यह कार्यक्रम एक अप्रैल 2015 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
तमाम समस्याओं एवं तनाव के बीच रहकर भी समाज के लोगों की रक्षा में दिन रात लगे इन पुलिसकर्मियों एवं पुलिस अफसरों की ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान गया है।
केंद्रीय आयुष मंत्रालय की गतिविधयों और उपलब्धियों की समीक्षा के दौरान उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि पुलिसकर्मियों के काम के तनाव से निबटने, सामाजिक स्वास्थ्य को बढ़ाने और कौशल विकास के लिए थाना स्तर पर योग का अनिवार्य सत्र आयोजित किया जाए। पीएम की इच्छा के बाद पुलिसकर्मियों को माकूल एवं अच्छा योग प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करने की योजना बनाई गई है।
कौशल विकास एवं तनाव दूर करना है उद्देश्य
पुलिसकर्मियों को योग प्रशिक्षण दिलाने का उद्देश्य योगाभ्यास के माध्यम से उनका कौशल विकास करना, सकारात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, कार्य संबंधित तनाव को दूर करना, पुलिसकर्मियों के बीच स्वास्थ्य एवं जीवन शैली के संबंध में जागरुकता पैदा करना, योग से स्वास्थ्य लाभ करना।
राज्य स्तरीय निगरानी कमेटी का होगा गठन
योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए राज्य स्तर पर निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। इसमें गृह सचिव या उनके प्रतिनिधि, डीआईजी या उनके प्रतिनिधि और आयुष विभाग का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के सभी जिलों को शामिल किया जाएगा। योग का प्रशिक्षण मान्यता प्राप्त संस्थान से योग्यता प्राप्त प्रशिक्षक देंगे। इसके लिए अनुबंध पर योग प्रशिक्षकों को रखा जाएगा। एसपी, एसएसपी, डीआईजी दो नियमित या चार अंशकालिक प्रशिक्षक रख सकेंगे।
राज्यों को केंद्र देगा सहायता राशि
योग प्रशिक्षण देने के लिए जो भी योग प्रशिक्षक अनुबंध पर नियुक्त किए जाएंगे उनकी पारिश्रमिक केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इसके लिए सभी राज्यों से एक मार्च 2015 तक प्रस्ताव मांगे गए हैं। योग्यता प्राप्त पूर्णकालिक योग प्रशिक्षक को 27 से 28 हजार रुपए तक एवं अंशकालिक प्रशिक्षक को 13,500 रुपए तक प्रतिमाह देने का प्रावधान रखा गया है। केंद्र सरकार प्रशिक्षकों के अलावा प्रशासनिक एवं अन्य व्यय के लिए प्रतिमाह 52 हजार रुपए तक देगी। इसके लिए हर जिला में प्रारंभिक साज समान के लिए एक लाख रुपए भी दिए जाएंगे।
पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी
संबंधित जिले के एसपी, एसएसपी या प्रभारी डीआईजी योग कार्यक्रम योजना के तहत कार्य कर रहे योग शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे और बाहय एजेंसी के माध्यम से उनका भुगतान किया जाएगा। उन्हें योग प्रशिक्षण के लिए सुविधाओं का भी निरीक्षन करना होगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए भी संबंधित जिले के एसपी ही जिम्मेदार होंगे।