रांची/हजारीबाग। भारत सरकार की महारत्न कंपनी एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर काॅरपोरेशन) के डीजीएम (उपमहाप्रबंधक - मानव संसाधन) राकेश नंदन सहाय ने हजारीबाग के डीसी सुनील कुमार पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। लेकिन डीसी ने बताया कि बदतमीजी से पेश आने के कारण डीजीएम को डांटा गया, पीटा नहीं गया। जबकि डीजीएम सहाय ने बताया कि डीसी ने मंगलवार को पूर्वाह्न 10.08 बजे अपने आवासीय कार्यालय में बुलाकर उन्हें पीटा है।
बहरहाल, डीजीएम सहाय को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से प्राथमिक उपचार करने के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची रेफर किया गया है। डीजीएम सहाय की दाहिनी जांघ में जख्म के निशान हैं।
आठ जवान बुलाए, एल्युमिनियम के रॉड से पीटा
सदर अस्पताल में इलाज के दौरान डीजीएम आरएन सहाय ने बताया कि सोमवार को एनडीसी के माध्यम से डीसी ने उन्हें बुलवाया था। उन्होंने कहा कि सोमवार को व्यस्त रहने के कारण वह डीसी से मुलाकात नहीं कर पाए। मंगलवार को डीसी के बुलावे पर सुबह 9.40 बजे डीसी कोठी पहुंचे। सहाय ने कहा. "वहां हमें डीसी से मिलने के लिए इंतजार करना पडा। फिर 10.08 बजे हमें बुलाया गया। हमारे साथ माइनिंग मैनेजर श्रीकांत सिन्हा और सहायक नीरज भी थे। लेकिन डीसी ने श्रीकांत सिन्हा को बाहर कर दिया और मुझे मुर्गा बनने के लिए कहा। उन्होंने आठ जवानों को भी बुलवा लिया था। वजह पूछने पर एल्युमिनियम के रॉड से उन्होंने मुझे मारना शुरू कर दिया। मेरे दाहिने जांघ के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी है। वहां की चमड़ी उधड़ गई है।"
कार्यकारी निदेशक ने नहीं की कोई टिप्प्णी
इस मामले में एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक रविंद्र सिंह राठी ने कोई टिप्पणी नहीं की। वे सदर अस्पताल डीजीएम को देखने पहुंचे और रेफर कराकर वापस लौट गए। साथ में, एजीएम महापात्रा के अलावा एनटीपीसी के अन्य अधिकारी एवं कर्मी थे।
क्या कहते हैं डीसी
डीसी सुनील कुमार ने कहा कि डीजीएम सहाय ने उनके आवास पर पहुंच कर उनके साथ दुर्व्यवहार किया। मुझे अपमानित किया। अनपार्लियामेंट्री लैंग्वेज का प्रयोग किया। उन्होंने नौकरी खा जाने की धमकी दी। मैंने उनसे पूछा कि आपकी प्रॉब्लम क्या है। इस पर उन्होंने मुझे बड़े अधिकारियों और ऊंची पहुंच की धौंस दिखानी शुरू कर दी। तब मैंने हाउस गार्ड को बुलवाकर कहा कि इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करो और जेल भेजो। इसी से बचने के लिए एनटीपीसी के डीजीएम सहाय ने अपने पुराने घाव को खरोंच कर मुझ पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। मैंने उनके साथ मारपीट नहीं की है, बल्कि उन्होंने मुझे अपमानित किया है। समाचार लिखे जाने तक किसी पक्ष से एफआईआर दर्ज नहीं कराया गया है। इस मामले में कमिश्नर स्तर पर सुलह कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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