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चंद्रप्रकाश मिले उमा भारती से, लंबित राशि शीघ्र देने का आग्रह - 1

5 वर्ष पहले
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रांची। जल संसाधन, पेयजल तथा स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती से मिलकर उनका ध्यान केन्द्रीय राशि नहीं मिलने की वजह से झारखण्ड में चल रही सुवर्ण रेखा बहुउदेशीय परियोजना एवं लघु सिंचाई योजना के क्रियान्वयन में हो रही कठिनाइयों की ओर आकृष्ट कराया है।
उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को इस बात से अवगत कराया है कि चालू वित्तीय वर्ष में केन्द्र सरकार ने सुवर्ण रेखा बहुउदेशीय परियोजना के लिए 660 करोड़ के बजट का प्रावधान किया मगर अबतक सिर्फ 157 करोड़ ही प्राप्त हुआ है।
इसकी वजह से जहां कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है वहीं परियोजना को राशि के अभाव में पूरा करने में अनावश्यक विलम्ब हो रहा है जबकि मार्च 2018 तक में परियोजना का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य केन्द्रीय जल आयोग ने तय किया है।
उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के समाप्त होने में दो माह बचा हुआ है, को देखते हुए शीघ्र ही केन्द्रांश के रूप में मिलने वाली राशि को दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात से भी अवगत कराया कि झारखण्ड को वित्तीय वर्ष 2014-15 से कुछ भी राशि प्राप्त नहीं हुई है और बकाया भुगतान के रूप में 69 करोड़ लंबित है। इस प्रकार कुल 572 करोड़ केन्द्रांश के रूप में मिलना बाकी है।
मंत्री चौधरी ने राशि के अभाव में लघु सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों पर भी चर्चा करते हुए उन्हें बताया कि इस योजना के चैथे फेज में 15 करोड़ एवं पांचवे फेज के रूप में 37 करोड़ का बकाया भुगतान लंबित है जबकि चैथे एवं पांचवे फेज की शत प्रतिशत योजनाएं पूरी हो चुकी है। अब स्थिति यह हो गई है कि बकाया भुगतान के लिए संवेदकों द्वारा जहां राज्य सरकार के उपर दबाव बनाया जा रहा है वहीं न्यायालय की भी शरण ले रहें है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से इस मामले में जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया और शीघ्र राशि झारखण्ड को मिले इसकी अपेक्षा जतायी।
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