रांची। विकास एवं सुशासन के साथ जवाबदेह प्रशासन सरकार की प्राथमिकता है। जनकेन्द्रित विकास ही सुशासन का मूल-मंत्र है। विकास से संबंधित योजनाओं में जनता की साझेदारी होगी तो योजना निश्चित रूप से सफल होगी। शासन एवं प्रशासन पर जनता का विश्वास होगा। झूठ बोलने से जनता में निराशा होती है एवं आक्रोश भी होता है। राज्य को आगे बढ़ाने के लिए जनता को झूठा आश्वासन न देकर योजनाबद्ध रूप से कार्य करें। जल-संचय, कृषि, आपदा प्रबंधन के तहत चापाकल लगाना, वनाधिकार पट्टा, मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विकास योजना, ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना इत्यादि को कार्यान्वित करना सरकार की प्राथमिकता है। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता में है। जिला स्तर, प्रखण्ड स्तर एवं पंचायत स्तर पर भी अच्छी कार्य संस्कृति कायम करते हुए योजनाओं को निश्चित समय सीमा में पूर्ण करें। उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रोजेक्ट भवन स्थित सभागार में प्रमंडलीय आयुक्त/जिला के सभी उपायुक्त एवं विभिन्न विभागों के के प्रधान सचिव/सचिव के साथ राज्य में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक में कहीं।
2018 तक स्वच्छ झारखण्ड का लक्ष्य पूरा करें
सीएम ने विधायक कोटा, सांसद आदर्श ग्राम योजना, वनाधिकार पट्टा एवं कृषि से संबंधित योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर एक सप्ताह के अंदर शिड्यूल एरिया, आदिवासी विकास परिषद की बैठक सम्पन्न करें। 2018 तक स्वच्छ झारखण्ड का लक्ष्य पूरा करें। शासक की भूमिका में न रह कर सेवक की भूमिका में रहें और कुछ ऐसा कीर्ति करें कि लोग याद रखें।
120 प्रखंड में लगभग दो लाख योजनाओं को ग्रामीणों ने चिन्हित किया
बैठक में ग्रामीण विकास विभाग ने योजना बनाओ अभियान की प्रगति से अवगत कराया। बताया कि 120 प्रखंड में लगभग दो लाख योजनाओं को ग्रामीणों ने चिन्हित किया है। योजना बनाओ अभियान में ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं के अलावा भू-समतलीकरण, मिट्टी का बांध, डोभा, पोखर, कुआं, पशु शेड इत्यादि से संबंधित प्रस्तावों को रखा है। भू-जल-स्तर बनाए रखने हेतु तीन प्रतिशत से पांच प्रतिशत माडल कारगर होगा।
मनरेगा योजना की समीक्षा के दौरान अधिक से अधिक कार्य दिवस सृजित करने के लिए समुचित योजना पर पंचायत समिति एवं जिला परिषद का अनुमोदन प्राप्त करने तथा डाटा इंट्री का कार्य अभी से प्रारंभ कर 22 फरवरी तक पूर्ण करने का निदेश दिया।
अब मनरेगा योजना की समीक्षा उपायुक्त प्रत्येक दिन करेंगे। प्रमंडलीय आयुक्त इसकी समीक्षा प्रत्येक सप्ताह करेंगे। इंदिरा आवास के अन्तर्गत लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत योजनाओं को स्वीकृत करने एवं समय पर किस्त की राशि उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया।
बैठक में विभिन्न उपायुक्तों ने योजनाओं को कार्यान्वित करने के संबंध में अपने विचार रखे। तीव्र गति से योजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए किए गए प्रयासों को साझा भी किया।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव राजीव गौबा, विकास आयुक्त-सह-प्रधान सचिव वित्त अमित खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग एनएन सिन्हा, प्रधान सचिव जल संसाधन सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सुनील कुमार वर्णवाल सहित विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव/सचिव सहित सभी प्रमंडलीय आयुक्त एवं सभी जिला के उपायुक्त उपस्थित थे।
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फोटो : पवन कुमार।