रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मंगलवार को राज्य में विधि-व्यवस्था एवं अपराध की समीक्षा के लिए वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें सीएम ने निर्देश दिया कि वर्ष के प्रारंभ में ही पलामू जिले में उग्रवादी घटना घटी है। इसकी पुनरावृत्ति न हो सभी पुलिस अधीक्षक इस पर ध्यान रखें। सभी पुलिस अधीक्षक उपायुक्त के साथ मिलकर जिला के लिए टीम भावना से कार्य करें। संगठित अपराध एवं आपराधिक गिरोहों पर पाक्षिक चर्चा हो तथा एक रणनीति बनाकर गिरोहों के सदस्यों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
पुलिस पांच मिनट में घटना स्थल तक पहुंचे
सीएम ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा करना है। अतः सभी पुलिस पदाधिकारी विकास एवं सुशासन के लिए टीम भावना से कार्य करें तथा जनता का विश्वास जीते। पुलिस विभाग में जब भी कोई नयी व्यवस्था प्रारंभ करते हैं, तो उस पर पूरी तरह से अमल करें। जैसे 100 नंबर डायल में कोई भी कॉल आये तो उस पर पुलिस 05 मिनट में घटना स्थल तक पहुंचे। काण्ड के अनुसंधान पर गंभीरता दिखाई जाए। बड़े अपराधी के विरुद्ध कांड का अनुसंधान गंभीरता से की जाए तथा उसका डे टू डे ट्रायल कराकर सजा दिलायी जाय।
थाने में आम जनता के साथ हो अच्छा व्यवहार
सीएम में कहा थाना में जनता के साथ खासकर गरीब व्यक्ति के साथ अच्छा व्यवहार हो। राज्य में बनाए गये स्मार्ट थाना में स्मार्ट पुलिस कर्मियों की पदस्थापना हो जो जनता के कार्य के प्रति स्मार्ट रहे। अच्छा कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को समय-समय पर पुरस्कृत करें। प्रधानमंत्री का सपना है कि वर्ष 2018 तक स्वच्छ झारखण्ड बने इसके तहत सभी थाना प्रभारियों को यह जिम्मेवारी दी जाए कि वे अपने-अपने थाना को स्वच्छ रखें। सभी पुलिस अधीक्षक थाना प्रभारी सहित अपने अधीनस्थों को अच्छे कार्य संस्कृति हेतु प्रेरित करें।
एसपी जिले में जमीन, कोल माफिया तथा बड़े अपराधियों का सूची बनाएं
साथ ही सभी पुलिस अधीक्षक खासकर धनबाद, रांची, हजारीबाग एवं चतरा जिले के पुलिस अधीक्षक जमीन माफिया, कोल माफिया तथा बड़े अपराधियों का सूची बनायें तथा उनके विरुद्ध सीसीए का प्रस्ताव समर्पित करते हुए विधि-सम्मत कार्रवाई करें।
सभी पुलिस पदाधिकारी सांसद एवं विधायकों का फोन नंबर सेव करके रखें, जब वे फोन करें तो उनका फोन उठाएं। संवादहीनता नहीं करें। उनके द्वारा कहे गये कार्यों को नियमानुसार ही करें।
कोयले की चोरी रोके पुलिस
कोयले की चोरी किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के जनसंवाद में आये आवेदन पर त्वरित संज्ञान लें। पुलिस उप-महानिरीक्षक कम से कम सप्ताह में एक क्षेत्र का भ्रमण करें तथा अपने अधीनस्थों को टीम भावना से कार्य करने हेतु निर्देशित करें। पुलिस अधीक्षक कम से कम सप्ताह में दो दिन अपने क्षेत्र के थानों का भ्रमण करें।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस बैठक में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव/सचिव, विशेष सचिव, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, अपर पुलिस महानिदेशक, सभी आयुक्त/उपायुक्त/पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।
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फोटो : पवन कुमार।