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बसों की टाइमिंग क्या घटी बस मालिकों को पडऩे लगे दिल के दौरे

9 वर्ष पहले
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रांची। परिवहन प्राधिकार ने बसों की टाइमिंग क्या घटाई, तनाव से बस मालिकों को दिल के दौरे पडऩे शुरू हो गए हैं। सोमवार को बरियातू निवासी चंद्रकिशोर सिंह को हर्ट अटैक हुआ। वह अपोलो के सीसीयू में भर्ती हैं। इससे पहले हेमंत गुप्ता और चंचल चटर्जी को भी हर्ट अटैक हो चुका है। रांची बस ऑनर एसोसिएशन का कहना है कि इसके पीछे बसों के परमिट की टाइमिंग है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण मोहन सिंह ने कहा कि प्राधिकार ने अब बड़ी बस के लिए पांच मिनट और छोटी बस के लिए तीन मिनट का परमिट जारी कर रहा है। जबकि एक बुजुर्ग को बस में चढऩे में ही तीन मिनट लग जाते हैं।

कमिश्नर से मिला एसोसिएशन

एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कमिश्नर सुरेंद्र सिंह मीणा एवं डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर उदय प्रताप से मिलकर पूर्व की तरह परमिट में 10 मिनट व पांच मिनट के अंतराल को बरकरार रखने का अनुरोध किया है। कहा है कि समय कम करने के निर्णय से यह व्यापार समाप्ति की ओर बढऩे लगा है। बस मालिकों में आपसी लड़ाई झगड़े बढ़ गए हैं। कर्ज की चिंता में बस मालिकों को दिल के दौरे पडऩे लगे हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी है कि यदि प्राधिकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करता है तो अपने रोजगार के संकट को देखते हुए पूरे राज्य में बस परिचालन को ठप कर दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में रांची बस ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण मोहन सिंह, गुमला बस ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष शक्ति सिंह, चंचल चटर्जी, छत्तीसगढ के संजय कुमार, सच्चिदानंद सिंह आदि शामिल थे।

जनहित में निर्णय

केवल टाटा रूट में सुबह चार बजे से शाम सात बजे तक के अंतराल में बड़ी बस को 10 मिनट एवं छोटी बस को तीन मिनट का अंतराल पूरा हो जाने के बाद पांच मिनट एवं तीन मिनट के अंतराल पर परमिट निर्गत करना है। यह जनहित में प्राधिकार द्वारा लिया गया निर्णय के अनुसार किया जा रहा है। शेष मार्गों में अभी भी पुरानी व्यवस्था है। इसका बीमारी से कोई वास्ता नहीं है। - उदय प्रताप, डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर।