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सेंट्रल जेल में छापा : मचा हड़कंप, सभी गार्डों को बदलने की अनुशंसा

9 वर्ष पहले
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मेदिनीनगर/रांची। केन्द्रीय कारा डालटनगंज में बीती देर रात 11.30 बजे पलामू डीसी पूजा सिंघल व एसपी अनूप टी मैथ्यू के नेतृत्व में छापेमारी की गई। छापेमारी में कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गई। इस कारण जेल अधीक्षक व जेलर से स्पष्टीकरण मांगा गया है।


वहीं, जेल में प्रतिनियुक्त सभी गार्ड को बदलने की अनुशंसा जेल आईजी से की गई है। स्थानीय स्तर पर प्रतिनियुक्त होमगार्ड के जवानों को बदल दिया गया है। यह जानकारी पलामू डीसी पूजा सिंघल व एसपी अनूप टी मैथ्यू ने मंगलवार को पत्रकारों को दी।


डीसी पूजा सिंघल ने बताया कि इस अभियान में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी समेत 60 पुलिसकर्मी लगाये गये थे। यह सब कुछ औचक हुआ। सर्वप्रथम अभियान दल को देख जेलर व जेल संतरी भौचक रह गये। इसके बाद अभियान दल अंदर पहुंचकर एक-एक वार्ड की बारीकी से जांच की। यह अभियान दो घंटे तक चला।

जो जो सामान मिले

केन्द्रीय कारा से 7 मोबाईल फोन, 5 सिम कार्ड, 5 चार्जर, 3 हेडफोन, 1 पेन ड्राईव, 1 चाकू, 10 गांजा के पैकेट, 100 ग्राम धतुरा के बीज आदि बरामद किये गये हैं। पलामू एसपी मैथ्यू ने बताया कि टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को 1 फोन बरामद करने पर 1000 रुपये नकद पुरस्कार दिये गये।

कैसे बनी योजना


पलामू एसपी को एक व्यवसायी ने देर शाम बताया कि उसे जेल से धमकी दी जा रही है। उसे बतौर रंगदारी की मांग की गई है। नहीं देने पर जान से मारने की धमकी मिली है। उसकी जानमाल को खतरा है। एसपी मामले को समझ ही रहे थे तभी एक चर्चित मामले के गवाह ने उन्हें बताया कि उसे जेल से धमकी मिली है। उसे गवाही नहीं देने की सलाह दी जा रही है। गवाही देने पर जान से मारने की धमकी मिली है। एसपी अनूप टी मैथ्यू ने बताया कि दोनों घटनाओं की प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि दोनों को धमकी देने वाला अपराधी केन्द्रीय कारा से ही मोबाईल का इस्तेमाल कर रहा है। इसके बाद तत्काल पलामू डीसी से विचार-विमर्श कर सेन्ट्रल जेल में छापामारी की योजना बनाई गई जिसमें चुनिंदा पदाधिकारियों को शामिल किया गया।

बरामद फोन व सिम कार्ड की हो रही है जांच


एसपी अनूप टी मैथ्यू ने बताया कि बरामद मोबाईल फोन व सिम कार्ड की जांच एस्पर्ट टीम से कराई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस जांच में अपराधियों, उग्रवादियों को मदद करने वाले कई सफेदपोश लोग भी बेनकाब होंगे। जिस पर कानून का शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने बताया कि अपराधी पहले फोन से धमकाते हैं फिर उसके आदमी रंगदारी वसुल कर निकल पड़ते हैं। कई लोग इसकी जानकारी भयवश नहीं देते हैं। इस बार भी पुलिस को जानकारी देने वाले दोनों की पहचान को गुप्त रखा जा रहा है। पुलिस इन दोनों को प्रयाप्त सुरक्षा मुहैया करा दी है। सादे लिबास में पुलिस इनके इर्द-गिर्द सुरक्षा में लगे रहेंगे।


केन्द्रीय कारा में बंद हैं 35 हार्डकोर उग्रवादी

एसपी मैथ्यू ने बताया कि केन्द्रीय कारा में 35 हार्डकोर उग्रवादी व दो दर्जन से अधिक क्रिमिनल बंद हैं जो लगातार जेल से योजना बनाकर मोबाईल के मार्फत अपने बाहरी साथियों की मदद से पूरा करने में लगे हैं। इसकी शिकायत काफी दिनों से मिल रही थी। किन्तु पुलिस को ठोस सबुत नहीं मिल पाया था। पूर्व में भी एक बार छापामारी कराया गया था। किन्तु छापामारी की सूचना लीक कर गई थी जिस कारण पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली थी। इसलिए पुलिस इस बार कोई रिस्क लिए बिना छापामारी करने का निर्णय लिया।

जैमर है खराब


केन्द्रीय कारा में मोबाईल फोन को बेअसर करने के लिए लगाया गया जैमर खराब है। पलामू एसपी ने बताया कि जैमर कब से खराब है इसकी जांच कराई जा रही है। पुलिस को जेल प्रशासन की ओर से जैमर खराब होने की सूचना पूर्व में नहीं दी गई है। इसलिए यह मामला जांच का है ।