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डाउनलोड करेंरांची। महाभारत की कथा के अनुसार जब वनवास काल में जब पांडवों का घर षडय़ंत्र के तहत जला दिया गया तो वे वहां से भागकर एक दूसरे वन में गए, जहां हिडिंब राक्षस अपनी बहन हिडिंबा के साथ रहता था। एक दिन हिडिंब ने अपनी बहन हिडिंबा से वन में भोजन की तलाश करने के लिये भेजा और इसी दौरान राक्षसी हिडिंबा को भीम से प्रेम हो गया। इस कारण उसने पूरे परिवार को जीवित छोड़ दिया। गुस्साए हिडिंब ने पाण्डवों पर हमला कर दिया पर भीम के हाथों मारा गया। हिडिंब की मौत के बाद हिडिंबा और भीम का विवाह हुआ। इन्हें घटोत्कच नामक पुत्र हुआ, जो अत्यंत बलशाली था।
हिडिंब राक्षस जहां राज करता था, जहां हिडिंबा का भीम से विवाह हुआ और काफी समय तक पांडवों ने वहां वनवास का समय बिताया, वह स्थान आज भी है। वहां के निवासी आज भी खुद को हिडिंबा राक्षसी का वंशज बताते हैं, उनकी जीवनशैली में उसकी परंपरा के अंश झलकते भी हैं।
तो आगे की स्लाइड्स पर जानें उस खास जगह के बारे में।
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