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गला दबा कर दो मासूम बहनों की हत्या

8 वर्ष पहले
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पलामू/रांची। पिपराटांड़ थाना क्षेत्र के सरमातु ग्राम में दो मासूम बहनों की गला दबाकर हत्या कर दी गई। मानवता को शर्मसार करनेवाली घटना को चार लोगों ने मिलकर शुक्रवार की रात्रि में अंजाम दिया। घटना के पता चलने के कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने मामले का उद्भेदन कर घटना में शामिल चारों हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया। सरजामातू निवासी करमदेव राम के बारह वर्षीय पुत्र अभिषेक मामले के उद्भेदन का सूत्रधार रहा।

क्या है मामला


अम्बाबार पंचायत के सरजामातू ग्राम निवासी नौरंग प्रजापति के दो बेटों की शादी के अवसर पर शुक्रवार की रात्रि में प्रीतिभोज का कार्यक्रम था। इसमें शामिल होने के लिए वहीं अशोक राम की पुत्री सुजाता कुमारी, 7 वर्ष तथा रजनी कुमारी, 5 वर्ष गई थी। परन्तु वे घर वापस लौट कर नहीं आई। परिजनों ने रातभर दोनों की काफी खोजबीन की, परन्तु दोनों का कोई पता नहीं चला। सुबह करीब पांच बजे किसी ने दोनों के शव को नौरंग प्रजापति के घर के पास खेतों में पड़ा देखा। घटना की सूचना आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। अपराधियों की बर्बरता की शिकार हुई दोनों मासुमों के शव को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। हर कोई एक स्वर में घटना की निंदा कर रहा था। दोनों बहनों की मां सुमित्रा देवी का रो रोकर बूरा हाल था। उनके पिता अशोक राम पंजाब में मजदूरी करते हैं।


शादीवाले घर की आपसी दुश्मनी में गई जान!


सरजामातू निवासी नौरंग प्रजापति के बेटे की शादी थी। नौरंग प्रजापति ने बताया कि पूर्व में ही उसके भाई रघु प्रजापति, छठु प्रजापति से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण उसने केल्हवा स्थित अपने पैतृक घर को छोड़ सरजामातू में घर बनाया था। भाईयों ने नौरंग को शादी ठीक से नहीं होने देने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद नौरंग ने अपने भाईयों पर शक जताया था। पुलिस ने शक के आधार पर उसके सभी भाईयों को हिरासत में ले लिया था।


अभिषेक की निशानदेही पर हुआ उद्भेदन


घटना के पता चलने के कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने मामले का उद्भेदन कर, इसमें शामिल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उद्भेदन का सूत्रधार सरजामातू निवासी करमदेव राम के बारह वर्षीय पुत्र अभिषेक कुमार राम रहा। अभिषेक के साथ ही दोनों बहने नौरंग प्रजापति के घर गई थी। अभिषेक ने बताया कि शादी में भीड़ होने कारण वे वहां खाना नहीं खा सके थे तथा घर जाने के लिए बाहर निकल गये। वहां से निकलते ही चार लोगों ने सुजाता व रजनी को रूई में सुंघाकर कंधा पर टांग कर ले गये। उसके बाद मैं भी डर से घर चला गया। उसने उन चार लोगों को देखने के बाद पुन: पहचान लेने की बात कही। जिसके बाद पांकी थाना में पहचान के लिए हिरासत में लिये गये सातों लोगों को उसके सामने लाया गया। अभिषेक ने उनमें से बसंत प्रजापति, राजदेव प्रजापति, छठु प्रजापति तथा मनोज प्रजापति को पहचान लिया। इसके बाद पूरे मामले का उद्भेदन हो गया। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया। मामले के उद्भेदन में डीएसपी सुरेन्द्र सिंह, पुलिस निरीक्षक पी के मिश्रा तथा पिपराटांड़ थाना प्रभारी सुधीर सूरीन व पांकी थाना प्रभारी एम पी रंजन का योगदान रहा।


कहते हैं एसपी


इस संबंध में पलामू एसपी अनूप टी मैथ्यू ने बताया कि बच्चे द्वारा हत्यारों के पहचाने जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या क्यों की गई इसकी जांच की जा रही है।