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डाउनलोड करेंरांची। मौलाना आजाद कॉलेज के शिक्षकों और कर्मियों को 12 माह बाद वेतन नसीब होगा। इसके लिए रांची यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे कॉलेज के शिक्षकों और कर्मियों में खुशी है। सब कुछ ठीक रहा शीघ्र ही अन्य औपचारिकताओं को पूरा कर शिक्षाकर्मियों को वेतन भुगतान कर दिया जाएगा। इसके लिए विवि द्वारा कॉलेज प्रबंधन को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। ताकि कॉलेज प्रबंधन को वित्तीय अधिकार दिया जा सके। गौरतलब है जून 2012 से शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन मिला है। इस कारण यहां के शिक्षाकर्मियों के समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है। वेतन नहीं मिलने के कारण वे अपने दायित्व का निर्वहन करने में कठिनाई हो रही थी।
संचालन को लेकर विवाद था
मौलाना आजाद कॉलेज के संचालन को संचालन को लेकर विवाद था। इस कारण 13 शिक्षकों और 12 शिक्षकों को वेतन नहीं मिला था। विवि प्रशासन ने एडवोकेट जनरल और विवि अधिवक्ता के राय के बाद कहा है कि कॉलेज का संचालन हायर एजूकेशन सोयायटी ऑफ अंजुमन इस्लामिया करेगा।
62 लाख रुपए है जमा
शिक्षकों और कर्मचारियों के पांच माह का वेतन मद में कॉलेज के एकाउंट में 62 लाख रुपए पड़ा हुआ है। इस राशि जून से अक्टूबर 2012 तक का वेतन भुगतान होगा। इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र देने के बाद नवंबर 2012 से फरवरी 2013 तक का वेतन तत्काल सरकार द्वार निर्गत कर दिया जाएगा।
एक कर्मचारी हो चुकी है मृत्यु
कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि वेतन के अभाव कर्मचारी एम परवेज का बेहतर ढंग से इलाज नहीं हो सका। वहीं मो. नसीम की हालत गंभीर बनी हुई है।
विवि के निर्णय बेहतर
आरयू प्रशासन ने नियम के मुताबिक कॉलेज संचालन का दायित्व हायर मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी ऑफ अंजुमन इस्लामिया को दिया है। प्रोफेसर इनचार्ज के पद पर मेरी नियुक्ति के विवि के पत्र के आधार पर हुआ है। वित्तीय अधिकार मिलते ही वेतन निर्गत कर दिया जाएगा। - डॉ. केके सिंह, प्रोफेसर इनचार्ज, मौलाना आजाद कॉलेज।
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