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डाउनलोड करेंरांची। मान लिजिए, अगर कोई डॉक्टर ऑपरेशन करते करते बीच में फंस गया तो ऑपरेशन कैसे पूरा होगा? लेकिन, घबराइए मत। अब ऑपरेशन भी पूरा होगा और मरीज भी चंगा। ऐसे जटिल ऑपरेशनों को यहां के डॉक्टर देश के किसी भी सभी गवर्नमेंट मेडिकल इंस्टीच्युट के विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ विडियो काफें्रसिंग के जरिए पूरा करेंगे। काफ्रेंसिंग की व्यवस्था संस्थान के सभी ऑपरेशन थियेटरों में होगी। यह सुविधा नेशनल इनफॉर्मेशन सेंटर की महत्वकांक्षी योजना नेशनल नॉलेज नेटवर्क से मिलेगी। यह तकनीक रिम्स में स्थापित कर दी गयी है। झारखंड के संस्थानों में यह सिस्टम विकसित करने के लिए झारखंड में दो तकनीकी निदेशक सुकांत कुमार मोहाकुल, अशोक कुमार दास व साइंसटिफिक अफसर मनीष मोहन को नियुक्त किया गया है। वहीं, रिम्स ने व्यवस्था संभालने के लिए एक टीम तैयार की है, जिसमें डॉ संजीव कुमार, अशोक कुमार व विकास कुमार को शामिल किया गया है।
वाईफाई हो चुका है प्रशासनिक भवन
रिम्स का प्रशासनिक भवन पूरी तरह से वाईफाई हो चुका है। निदेशक कार्यालय से इमरजेंसी तक कोई भी व्यक्ति इंटरनेट यूज कर सकता है। फिलहाल, इस सिस्टम के जरिए 50 से अधिक कंप्यूटरों में इंटरनेट सुविधा दी गयी है। अगर संस्थान एनआईसी के प्रपोजल को स्वीकार कर काम करता है, तो आनेवाले कुछ महीनों में पूरा रिम्स पूरी तरह से वाईफाई हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक प्रबंधन इस विषय पर विचार कर रहा है।
एक एक मेडिकल छात्र, डॉक्टरों को मिलेगा इंटरनेट
नेशनल नॉलेज नेटवर्क की स्थापना होने से संस्थान के एक-एक मेडिकल छात्रों समेत यहां के सभी डॉक्टर, ऑफिस स्टॉफ, अधिकारियों को इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इस तकनीक से संस्थान के क्लास रूम, हॉस्टल, अधिकारियों के चेंबर, ऑपरेशन थियेटर समेत अन्य महत्वपूर्ण सेंटरों में इंटरनेट की व्यवस्था की जा रही है। इन सभी को लैन(लोकल एरिया नेटवर्क) से जोडऩे की तैयारी है।
यह सुविधा फ्री में
रिम्स को यह सुविधा फ्री में मिलेगी। इसमें इंटरनेट कनेक्शन व लैन से जोडऩेवाली सुविधा शामिल है। नेट का खर्च एनआईसी दे रही है। इसके लिए संस्थान का किसी भी तरह का पैसा खर्च नहीं होगा। वहीं, लैन का खर्च प्रबंधन द्वारा दिए गए बजट के अनुसार मानव संसाधन विकास विभाग या फिर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया देगी।
रिम्स समेत कई संस्थान जुडेंगे
नेशनल नॉलेज नेटवर्क से झारखंड में सिर्फ रिम्स ही नहीं बल्कि यहां के सभी केंद्र व राज्य सरकार के शिक्षण संस्थान, मेडिकल कॉलेज, रिसर्च संस्थान शामिल है। फिलहाल यह सुविधा निफ्ट हटिया, आईआईएम रांची व आईआईएनआरजी नामकुम, रांची यूर्निवसिटी, विनोबा भावे यूर्निवसिटी, आईएफपी, सेंट्रल यूर्निवसिटी में बहाल है। रिम्स में नेटवर्क स्थापित किया जा चुका है। इसके अलावा पीएमसीएच धनबाद, एमजीएम जमशेदपुर,आईएसएम धनबाद, बिरसा कृषि विवि को भी जल्द ही नेटवर्क से जोडऩे की तैयारी है।
क्या होगा लाभ
इस योजना के तहत रिम्स को एक जीबी(गिगा बाईट) प्रति सेकेंड बैंड विड्थ इंटरनेट की सुविधा दी गयी है, जो 10 एमबीपीएस से सौ गुना अधिक है। यानी इसके जरिए संस्थान के एक साथ दो हजार कंप्यूटरों में नेट काम करेगा। इसके जरिए रिसर्च, ऑपरेशन, डाटा बेस तैयार किया जा सकता है।
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