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डाउनलोड करेंहजारीबाग/रांची। अध्यात्म की दीपशिखा को प्रज्वलित कर जनता को जीवन का रहस्य बताने वाले108 मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज अपने जन्म स्थली हजारीबाग में हैं। वे यहां पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में अग्रणी भूमिका निभाने आये हैं।
सोमवार को यहां उनका मंगल प्रवेश हुआ। इसके साथ ही हजारीबाग शहर में जैन धर्मावलंबी उनकी भक्ति भाव में डूब गए। सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और समाजसेवियों ने भी मुनिश्री का दर्शन किया और उनकी कठिन साधना का गुणगान किया। तर्क, बुद्धि और अंर्तदृष्टि से जीवन के रहस्य का दर्शन कराने वाले प्रमाणसागर जी महाराज यहां की भक्ति भाव से प्रसन्न हैं।
नवीन से कैसे बन गए प्रमाणसागर महाराज, जानिए आगे की स्लाइड्स पर।
फोटो- उमेश राणा।
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