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हाईब्रिड के नाम पर जंगली आंवला पौधे देने पर 20 लाख जुर्माना

9 वर्ष पहले
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जोधपुर। राज्य उपभोक्ता आयोग की सर्किट बैंच ने एक कृषक की ओर से दायर परिवाद में हाईब्रिड के नाम पर जंगली आंवला के पौधे सप्लाई करने पर बॉयो प्लांटिंग के कॉर्पोरेट ऑफिस पर 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह आदेश सर्किट बैंच के पीठासीन सदस्य शशि कुमार पारीक व सदस्य लियाकत अली ने प्रार्थिया प्रतापनगर निवासी श्रीमती रतन देवी खाबीया की ओर से दायर परिवाद का निस्तारण करते हुए दिए।


परिवादी ने आयोग में 30 जनवरी 2009 को अप्रार्थी मेसर्स शिव शक्ति बायो प्लॉटेक लिमिटेड कॉर्पोरेट हैदराबाद, उनके जयपुर स्थित रीजनल मैनेजर तथा हिरण मगरी उदयपुर स्थित शाखा कार्यालय को पक्षकार बनाते हुए एक परिवाद पेश करते हुए कहा कि गांव पीपली पाल में करीब 1.22 हेक्टेयर में आंवला लगाने के लिए उसने अप्रार्थी संस्थान से पीपीए 799 मार्का अक्षय आंवला के 500 पौधे लगा कर कंपनी की देख रेख में लगाए जिसका खर्च 11 लाख, 58 हजार 641 रुपए का आया। लेकिन इसकी फसल आने पर इन पौधों पर हाईब्रिड की जगह जंगली आंवला पैदा हुआ।

अप्रार्थी ने भरोसा दिलाया था कि इन पौधों से प्रतिवर्ष प्रति एकड़ 100 से 150 किलो आंवला पैदा होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अंत में विधिक नोटिस देते हुए अभ्यर्थी से 37 लाख 50 हजार का हर्जाना मांगा जिसे देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद भी परिवादी ने विभिन्न मदों में नुकसान के पेटे 73 लाख 62 हजार 282 रुपए की मांग की। अप्रार्थी की ओर से कहा गया कि जलवायु तथा पानी सही मात्रा में नहीं देने, खुदाई व कटिंग आदि की जानकार नहीं होने से ऐसा हुआ है। उन्होंनें कहा कि कंपनी ने हाईब्रिड आंवला सप्लाई किया गया है, जबकि विशेषज्ञ ने मौका निरीक्षण रिपोर्ट में जंगली आंवला होने की पुष्टि की।