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वकीलों के विरोध के कारण दोपहर 3 बजे तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई

9 वर्ष पहले
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जोधपुर। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के रजिस्ट्रेशन फीस बैंक चालान से जमा कराने का वकीलों द्वार विरोध करने के कारण दोपहर 3 बजे तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई ओर पूरे दिन विभाग का काम-काज ठप रहा। जोधपुर में रोजाना औसत 250 से 300 रजिस्ट्री होती है और इससे एक से डेढ़ करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। इधर नए सिस्टम के विरोध के कारण रजिस्ट्री कराने आए सैंकड़ों लोग परेशान हुए। इसके बाद शाम करीब 4 बजे मैनुअल रजिस्ट्री कार्य शुरू विभाग ने साख बचाने का प्रयास किया।

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रदेश में सरकार ने रजिस्ट्री के लिए ई-ग्रास सिस्टम शुरू किया है। इसमें ई-ग्रास के माध्यम से पंजीयन शुल्क,स्टांप ड्यूटी का अंतर,सीएसआई फीस तथा पुरानी बकाया राशि की वसूली एवं को निरीक्षण पश्चात आने वाली अंतर की राशि बैंक चालान के बैंक में जमा होगी। राज्य सरकार ने बैंक में यह राशि के जमा होने की पुष्टि के लिए सॉफ्टवेयर दिया है। इस सॉफ्टवेयर से बैंक में शुल्क जमा होने की पुष्टि पंजीयन विभाग के सब रजिस्ट्रार के कंप्यूटर पर की जा सकेगी।


इस लिए शुरू किया नया सिस्टम : पंजीयन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसके पीछे उद्देश्य यह है कि पंजीयन विभाग में मैनुअल शुल्क जमा होने से लाखों रुपए रोज जमा होते हैं ओर जैसलमेर में हाल ही में 21 लाख रुपए सहित चोर तिजोरी उठा कर ले गए,वहीं जोधपुर में भी दो बार चोरी के प्रयास में ताले टूट चुके हैं। इससे बचने के लिए यह सिस्टम शुरू किया गया है।


नया सिस्टम लागू करते ही हुआ विरोध :मुद्रांक विभाग के आईजी ने मुख्यालयों पर यह सिस्टम 1 अप्रैल 2013 से पूर्णतया लागू होना है। जोधपुर के डीआईजी स्टांप कार्यालय ने यह नया सिस्टम आज से लागू किया, तो रजिस्ट्री कार्य से जुड़े वक ीलों ने इसका विरोध करते हुए रोष जताया तथा डीआईजी स्टांप को ज्ञापन देकर वर्तमान मैनुअल सिस्टम लागू रखने की मांग की ओर रजिस्ट्रियां नहीं करवा कर विरोध दर्ज कराया।