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सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में 4 मार्च को कर्मचारी विधान सभा घेरेंगे

9 वर्ष पहले
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जोधपुर। राज्य सरकार की कथित वादा खिलाफी को लेकर प्रदेश के सभी 7 लाख कर्मचारी अपनी 11 सूत्री मांगों को 28 फरवरी को जिला मुख्यालयों पर तीन घंटे का सांकेतिक धरना देकर एकजुटता का संदेश देंगे। वहीं 4 मार्च को रैली निकाल कर विधानसभा का घेराव करेंगे। इसके लिए प्रदेश में दो गुटों में बंटे राज्य कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर सांझा रूप से एक मंच पर आने की घोषणा की है।

राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के शंभूसिंह मेड़तिया व कृष्ण मुरारी शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि प्रदेश स्तर पर दोनों महासंघों के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि कर्मचारियों की मांगों व प्रदेश सरकार की वादा खिलाफी पर एकजुट होकर संघर्ष किया जाएगा। इसके तहत गुरुवार 28 फरवरी को दोपहर 12 से 3 बजे कि मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद 4 मार्च को जयपुर में रैली निकाल कर विधानसभा का घेराव किया जाएगा।


ये है प्रमुख मांगे : राज्य कर्मचारियों को केंद्र के अनुसार 1 जनवरी 2006 से वेतन,भत्ते ,पेंशन इत्यादि दिया जाए। कर्मचारियों को 9,18,27 वर्ष पर देय चयनित वेतनमान पर पहले की तरह पदोन्नति पद पे ग्रेड दी जाए। संविदा , अस्थाई ,फिक्स वेज एवं एजेंसी के माध्यम से भर्ती बंद की जाए। रिक्त पद समाप्त करने के स्थान पर उन पदों को भरते हुए भर्ती की जाए। नवीन पेंशन नियम वर्ष 2004 वापस लिया जाए। नवीन भर्ती अधिनियम 2006 वापस लिया जाए। मंत्रालयिक संवर्ग को सचिवालय संवर्ग के समान वेतन दिया जाए ,पद क्रम में एक पद विलोपित किया जाए।कर्मचारियों को सस्ती दर पर आवास देने तथा संसद में लंबित पेंशन विधेयक को वापस लिया जाए तथा ग्रामीण भत्ता दिया जाए।