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हाईकोर्ट में पेश हुए नागौर जिला पुलिस अधीक्षक

8 वर्ष पहले
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जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश कंवलजीत सिंह आहलूवालिया की पीठ में एक विविध फौजदारी मामले की सुनवाई में गुरूवार को नागौर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश, उप पुलिस अधीक्षक मेड़ता सिटी तथा पुलिस थाना मेड़तारोड़ के अनुसंधान अधिकारी एएसआई दातारसिंह भी पेश हुए।

हाईकोर्ट में छापरी खुर्द निवासी मल्लाराम की ओर से धारा 482 के तहत दायर विविध फौजदारी याचिका में प्रार्थी के अधिवक्ता विशाल शर्मा की ओर से कहा गया था कि उसके क्लाइंट के खिलाफ मेड़ता रोड़ में परिवादी रविन्द्र पुत्र पूना राम की ओर से 18 जनवरी 2013 को दायर एफआईआर गलत है तथा उल्टे पूनाराम उनको तंग कर रहा है जिसकी शिकायत की जांच स्थानीय पुलिस सही ढंग से नहीं कर रही है, अत: उसके खिलाफ दायर एफआईआर को निरस्त किया जाए।

हालांकि पूर्व में हाईकोर्ट ने 22 मार्च 2013 को एफआईआर पर कार्यवाही करने पर रोक लगा रखी थी, लेकिन परिवादी रविन्द्र के अधिवक्ता सुनील मेहता की ओर से कहा गया कि यह संपत्ति हस्तांतरण का मामला है तथा गुमशुदा पूनाराम बहरा व गूंगा है जिसके अंगूठा आदि करवाते हुए उसके भाईयों मल्लाराम व रामचन्द्र आदि ने एक ओर उसकी पत्नी के साथ तलाकनामे के दस्तावेज तैयार करवा लिए, वहीं उसकी संपत्ति भी हड़पना चाहते हैं।

अदालत ने एसपी नागौर को अगली सुनवाई पर अदालत में उपस्थित होने की अनिवार्यता से मुक्त करते हुए पुलिस जांच अधिकारी बदलते हुए 30 मई तक अदालत में पालना रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।