पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंजोधपुर। प्रदेश के संस्कृत विवि तथा महाविद्यालयों में कार्यरत व्याख्याताओं व कर्मचारियों को यूजीसी के समान वेतनमान भुगतान करने के हाईकोर्ट के आदेशों की पालना नहीं करने पर संस्कृत शिक्षा विभाग ग्रुप-6 के संयुक्त शासन सचिव राजेन्द्र कृष्ण व संस्कृत शिक्षा निदेशक मंडन शर्मा गुरूवार को हाईकोर्ट में न्यायाधीश डॉ. विनीत कोठारी की पीठ में पेश हुए। गौरतलब है कि याचिकाकर्ता सुरेश चन्द्र जैन बनाम वीणा गुप्ता अवमानना मामले में अदालत ने पिछली सुनवाई पर इस संपूर्ण मामले की पूर्ण सूचना के साथ उप सचिव स्तर के अधिकारी को अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे।
अतिरिक्त महाअधिवक्ता आनंद पुरोहित व सहयोगी प्रद्युम्न सिंह सहित सरकारी अधिवक्ता डॉ. गोपालराज कल्ला के माध्यम से पेश हुए इन सरकारी अधिकारियों ने अदालत को बताया कि यूजीसी की ओर से वर्ष 1996 में हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशों की पालना में अधिकांश व्याख्याताओं को यूजीसी के समान वेतनमान व परिलाभ दिए जा चुके हैं। कुछ मामलों में एरियर बकाया है जिसके लिए वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है तथा शीघ्र भुगतान किया जाएगा।
इस पर अदालत में मौजूद याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सरकार की ओर से याचिकाकर्ताओं को याचिका दायर करने की तिथि से एरियर दिया जा रहा है, जबकि उनको बैक डेट से एरियर दिया जाना चाहिए। इस पर अदालत ने संपूर्ण मामले को चार सप्ताह में पालना करते हुए रिपोर्ट अदालत में पेश करने के आदेश दिए।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.