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जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बीकानेर के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर पूछा है कि एक सिविल प्रकृति के मामले की आपराधिक धाराओं में जांच कर व्यवसायी को फिजूल परेशान क्यों कर रहे हैं। ऐसा करने पर क्यों न आपके खिलाफ कार्यवाही की जाए. यह आदेश न्यायाधीश कंवलजीत सिंह अहलूवालिया ने बीकानेर निवासी राकेश सिंह की ओर से दायर याचिका की सुनवाई में पुलिस कार्यवाही पर आश्चर्य प्रकट करते हुए दिए।
अदालत ने 16 मई तक जवाब तलब करते हुए यह भी पूछा है कि क्यों न याचिकाकर्ता को हुई परेशानी के लिए एसपी पर अर्थ दण्ड लगाया जाए...आदेश में अगली सुनवाई तक जवाब नहीं पेश करने पर पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से अगली पेशी पर हाजिर होने के भी निर्देश दिए।
अदालत में याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता महेश थानवी एवं विनीत सनाढ्य के माध्यम से बताया कि शिकायतकर्ता गोरधन सिंह उसके शो-रूम पर कार का शीशा लेने आया था। उन्होंने शीशा दे दिया, लेकिन गलती से बिल बनाने वाले ने 300 रुपए शीशा बदलने के 'लेबर-चार्जÓ के भी जोड़ दिए थे जिसे बाद सुधार दिया गया। बावजूद इसके शिकायतकर्ता ने पुलिस में धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दायर कर दिया।
पुलिस अब इस मामले में बार-बार जांच अधिकारी बदलकर याचिकाकर्ता को फिजूल परेशान कर रही है। गत 2 मई को पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले की पुलिस से विस्तृत जानकारी मांगी थी, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी से जवाब तलब किया।
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